संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में सोशल मीडिया पर गलत जानकारी या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सरकार ने सख्त चेतावनी जारी की है। पब्लिक प्रॉसिक्यूशन ने साफ किया है कि बिना जांचे-परखे किसी भी खबर या वीडियो को इंटरनेट पर शेयर करना एक बड़ा अपराध है। इस नियम का उल्लंघन करने वालों को जेल की सजा और भारी जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। खासकर भारत से गए कामगारों और अन्य प्रवासियों के लिए इसका सीधा अंजाम डिपोर्टेशन और हमेशा के लिए बैन भी हो सकता है।

सोशल मीडिया पर किन बातों का रखना होगा खास ख्याल

  • अधिकारियों के अनुसार सोशल मीडिया पर फेक न्यूज़ और AI से बने फर्जी वीडियो ज्यादा शेयर किए जा रहे हैं, जिन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
  • अटॉर्नी जनरल हामिद सैफ अल शम्सी ने साफ निर्देश दिया है कि किसी भी दुर्घटना की जगह या गिरे हुए मलबे की तस्वीर और वीडियो बनाकर शेयर करना अपराध की श्रेणी में आता है।
  • अगर आप किसी गलत खबर या पोस्ट को बनाने वाले नहीं हैं, लेकिन उसे रीट्वीट या फॉरवर्ड करते हैं, तो भी आप कानून के नजर में बराबर के जिम्मेदार माने जाएंगे।
  • हालिया रिपोर्ट के अनुसार कुछ लोगों को संवेदनशील जगहों का वीडियो बनाने और शेयर करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है, जिनमें विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।

सजा और जुर्माने के क्या हैं नए प्रावधान

UAE के साइबर क्राइम कानून (2021) के तहत अफवाह फैलाने और गलत जानकारी साझा करने पर कड़े नियम तय किए गए हैं। जुर्माना और सजा इस बात पर निर्भर करता है कि आपने अफवाह किस समय और किस नीयत से फैलाई है।

अपराध का प्रकार कम से कम जेल की सजा कम से कम जुर्माना
सामान्य अफवाह फैलाना 1 साल 100,000 दिरहम
आपातकाल के समय अफवाह 2 साल 200,000 दिरहम
जनता में डर या घबराहट फैलाना 2 साल 200,000 दिरहम

राष्ट्रीय सुरक्षा या अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले गंभीर मामलों में यह जुर्माना 500,000 दिरहम तक भी जा सकता है। सबसे अहम बात यह है कि UAE में रहने वाले किसी भी विदेशी नागरिक को साइबर क्राइम में दोषी पाए जाने पर सजा काटने के बाद सीधे डिपोर्ट कर दिया जाता है और उनके वापस आने पर स्थायी पाबंदी लगा दी जाती है।

सही जानकारी के लिए क्या करें आम लोग

सरकार ने आम जनता और प्रवासियों से अपील की है कि वे सिर्फ आधिकारिक और सरकारी वेबसाइट्स जैसे WAM न्यूज़ एजेंसी से ही जानकारी प्राप्त करें। किसी भी सोशल मीडिया मैसेज पर आंख बंद करके भरोसा ना करें। UAE साइबर सिक्योरिटी काउंसिल लगातार डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की मॉनिटरिंग कर रही है।

अगर आपको सोशल मीडिया पर कोई संदिग्ध खबर या वीडियो दिखता है, तो उसे आगे भेजने के बजाय My Safe Society ऐप या ecrime.ae वेबसाइट पर इसकी शिकायत करें। इस जागरूकता अभियान का मुख्य संदेश यही है कि जानकारी साझा करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है और अफवाह फैलाना एक गंभीर अपराध है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.