UAE में सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने वाले लोग अब सावधान हो जाएं। अगर आप फेसबुक या इंस्टाग्राम पर किसी के लिए तंज कसते हैं या बिना सबूत के कुछ बोलते हैं, तो आपको भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है। हाल ही में एक महिला को सिर्फ एक कमेंट की वजह से एयरपोर्ट पर ही हिरासत में ले लिया गया।

हैंडबैग को ‘फेक’ बताया और एयरपोर्ट पर हुई गिरफ्तारी

मई 2026 में एक मामला सामने आया जिसमें एक महिला ने इंस्टाग्राम पर दूसरी महिला के हैंडबैग को “फेक” बताया था। इसके बाद ऑनलाइन ट्रोलिंग शुरू हो गई और शिकायत दर्ज कराई गई। आरोपी महिला जैसे ही UAE लौटी, उसे एयरपोर्ट पर ही हिरासत में ले लिया गया। लेफ्टिनेंट कर्नल अल सुवैदी ने बताया कि महिला को कानूनी प्रक्रिया के तहत एक रात हिरासत में रहना पड़ा।

क्या है UAE का साइबर क्राइम कानून और कितना लगेगा जुर्माना

UAE के साइबर क्राइम कानून (Federal Decree Law No. 34 of 2021) और संशोधित कानून (Law No. 5 of 2024) के तहत ऑनलाइन अपमान करना अपराध है। इस कानून का अनुच्छेद 43 और UAE दंड संहिता का अनुच्छेद 426 स्पष्ट करता है कि किसी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने वाले कमेंट्स पर सख्त कार्रवाई होगी।

  • जुर्माना: ऐसे मामलों में 5 लाख दिरहम (Dh5 lakh) तक का जुर्माना लग सकता है।
  • सजा: जुर्माने के साथ जेल की सजा का भी प्रावधान है।
  • अपराध की श्रेणी: मजाक, तंज, राय या अनुमान लगाने वाले कमेंट भी अपराध माने जा सकते हैं, अगर उससे किसी व्यक्ति की छवि खराब होती है।

दुबई पुलिस और अधिकारियों की चेतावनी

दुबई पुलिस और साइबर क्राइम विभाग ने साफ किया है कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री डालना भारी पड़ सकता है। नेशनल मीडिया ऑफिस (NMO) भी नियमों का उल्लंघन करने वालों को संघीय लोक अभियोजन (Federal Public Prosecution) के पास भेज रहा है। अधिकारी कहते हैं कि लोग अक्सर समझते हैं कि कमेंट्स का कोई कानूनी असर नहीं होगा, लेकिन डिजिटल सबूतों के आधार पर मुकदमा चलाया जाता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या सिर्फ मजाक में किए गए कमेंट पर भी सजा हो सकती है?

हाँ, अगर आपके मजाक या तंज से किसी व्यक्ति की इज्जत या छवि को नुकसान पहुँचता है, तो उसे अपराध माना जाएगा और जुर्माना या जेल हो सकती है।

UAE में सोशल मीडिया मानहानि के लिए कौन सा कानून लागू है?

इसके लिए फेडरल डिक्री लॉ नंबर 34 ऑफ 2021 और UAE दंड संहिता का अनुच्छेद 426 लागू होता है, जो ऑनलाइन अपमान को रोकता है।