UAE सरकार ने बच्चों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब 15 साल से कम उम्र के बच्चे सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। यह नियम कैबिनेट के नए फैसले (Cabinet Resolution No. 106 of 2026) के तहत लागू किया गया है ताकि बच्चों को डिजिटल दुनिया के खतरों से बचाया जा सके।

इस नियम की जानकारी Minister of Family और Child Digital Safety Council की चेयरमैन Sana bint Mohammed Suhail ने एक मीटिंग के दौरान दी। उन्होंने बताया कि यह कदम UAE के मानव विकास विज़न और साल 2071 के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उठाया गया है। इसका मकसद बच्चों को एक सुरक्षित माहौल देना है जहाँ वे बिना किसी डर के सीख सकें और आगे बढ़ सकें।

क्या हैं नए नियम और पाबंदियां

सरकार ने सोशल मीडिया इस्तेमाल करने के लिए उम्र की सीमा तय कर दी है, जिसकी मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • 15 साल से कम उम्र: 15 साल से कम उम्र के बच्चे अपना सोशल मीडिया अकाउंट नहीं बना सकेंगे और न ही इसका इस्तेमाल कर पाएंगे।
  • फीचर्स पर रोक: छोटे बच्चे न तो कुछ पोस्ट कर सकेंगे, न कमेंट कर पाएंगे और न ही किसी पब्लिक ग्रुप या चैनल का हिस्सा बन सकेंगे।
  • माता-पिता की सहमति: अगर माता-पिता मंजूरी भी दे दें, तब भी 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए ये पाबंदियां लागू रहेंगी।
  • 15 से 16 साल के किशोर: इस उम्र के बच्चे सोशल मीडिया चला सकेंगे, लेकिन उनके लिए खास सुरक्षा सेटिंग्स होंगी। इसमें स्क्रीन टाइम कंट्रोल और अनजान लोगों से बातचीत पर रोक जैसे फीचर्स शामिल होंगे।

कंपनियों के लिए सख्त निर्देश

UAE में चलने वाली सोशल मीडिया कंपनियों को अब इन नियमों का पालन करना होगा। कंपनियों को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि यूजर की उम्र सही है। अब सिर्फ उम्र लिखने से काम नहीं चलेगा, बल्कि डिजिटल आईडी, AI या बायोमेट्रिक टूल्स के जरिए उम्र की जांच करनी होगी।

कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि अगर कोई 15 साल से कम उम्र का अकाउंट मिलता है, तो उसे तुरंत बंद कर दिया जाए। साथ ही, बच्चों के डेटा को ट्रैक करना और उन्हें उनकी पसंद के हिसाब से विज्ञापन (Personalized Ads) दिखाना भी अब पूरी तरह मना है।

नियम न मानने पर होगी कार्रवाई

सोशल मीडिया कंपनियों को इन बदलावों को लागू करने के लिए 12 महीने का समय दिया गया है। अगर कोई कंपनी इन नियमों को नहीं मानती है, तो सरकार उसे चेतावनी दे सकती है या उस प्लेटफॉर्म को UAE में पूरी तरह से ब्लॉक भी किया जा सकता है।

इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी National Media Authority (NMA) और Telecommunications and Digital Government Regulatory Authority (TDRA) जैसी संस्थाएं करेंगी।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com