यूएई में अब सोशल मीडिया पर वीडियो डालना या विज्ञापन करना पहले जैसा आसान नहीं रहेगा। सरकार ने ‘नेशनल मीडिया स्टैंडर्ड्स 2026’ नाम से एक बड़ा अभियान शुरू किया है ताकि ऑनलाइन कंटेंट की क्वालिटी सुधारी जा सके। अब इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स को नए नियमों का पालन करना होगा, वरना उन्हें भारी जुर्माने और लाइसेंस रद्द होने जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

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सोशल मीडिया पर विज्ञापन के लिए अब क्या है नियम?

यूएई में अब किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रमोशनल कंटेंट या विज्ञापन पोस्ट करने के लिए ‘मु’लिन परमिट’ लेना अनिवार्य हो गया है। यह नियम 1 फरवरी 2026 से पूरी तरह लागू हो चुका है। जो लोग पेड या अनपेड प्रमोशन करते हैं, उन्हें अब दो चीज़ें चाहिए होंगी: एक वैध कमर्शियल ट्रेड लाइसेंस और यूएई मीडिया काउंसिल का विज्ञापनदाता परमिट।

  • इन्फ्लुएंसर्स को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अपनी परमिट संख्या साफ़ तौर पर लिखनी होगी।
  • यूएई नागरिकों और निवासियों के लिए, जिन्होंने 31 जनवरी 2026 से पहले रजिस्ट्रेशन कराया है, पहले तीन साल तक यह परमिट मुफ्त रहेगा।
  • यह नियम उन सभी लोगों पर लागू होता है जो डिजिटल प्लेटफॉर्म के ज़रिए प्रचार करते हैं।

क्या गलत पोस्ट करने पर कितना लगेगा जुर्माना?

नेशनल मीडिया अथॉरिटी ने कंटेंट के लिए 20 अनिवार्य मानक तय किए हैं। इसमें धर्म, राष्ट्रीय प्रतीकों, देश की छवि और सामाजिक माहौल का सम्मान करना ज़रूरी है। अगर कोई व्यक्ति फेक न्यूज़ फैलाता है या ऐसा कंटेंट डालता है जिससे देश की सुरक्षा को खतरा हो, तो सख्त कार्रवाई होगी।

उल्लंघन का प्रकार जुर्माने की राशि
सामान्य मानक उल्लंघन 10 लाख AED तक
बार-बार नियम तोड़ना 20 लाख AED तक
पहली बार गलत जानकारी फैलाना 5,000 AED
बार-बार गलत जानकारी फैलाना 10,000 AED

नेशनल मीडिया स्टैंडर्ड्स 2026 अभियान क्या है?

नेशनल मीडिया अथॉरिटी (NMA) ने 15 मई 2026 को इस पांच हफ्ते के अभियान की शुरुआत की। इस अभियान का नारा ‘क्रिएटिविटी, इंस्पिरेशन, इंटीग्रिटी’ रखा गया है। नेशनल मीडिया अथॉरिटी के महासचिव डॉ. जमाल मोहम्मद अल काबी ने बताया कि इसका मकसद युवाओं और कंटेंट क्रिएटर्स को सही दिशा दिखाना है ताकि समाज को गलत सूचनाओं से बचाया जा सके।

इस अभियान के तहत ‘मीडिया कंपास’ नाम की एक गाइड जारी की गई है, जिसे 10,000 से ज़्यादा लोगों के डाउनलोड करने का लक्ष्य है। इसके अलावा विश्वविद्यालयों में सेमिनार और सामुदायिक बैठकों के ज़रिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। यूएई मीडिया काउंसिल की सीईओ मैथा अल सुवैदी के मुताबिक, यह कानून जनता का भरोसा बढ़ाने और ऑनलाइन सामग्री की गुणवत्ता सुधारने के लिए बनाया गया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

यूएई में सोशल मीडिया पर विज्ञापन के लिए कौन सा परमिट ज़रूरी है?

सोशल मीडिया या डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किसी भी तरह का प्रमोशन करने के लिए ‘मु’लिन परमिट’ लेना अनिवार्य है, जो 1 फरवरी 2026 से लागू हो गया है।

फेक न्यूज़ फैलाने पर कितना जुर्माना लग सकता है?

पहली बार गलत जानकारी या फेक न्यूज़ फैलाने पर 5,000 AED और बार-बार ऐसा करने पर 10,000 AED का जुर्माना लग सकता है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.