UAE सरकार ने सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें। बिना जांचे-परखे खबरें शेयर करने से समाज में घबराहट और भ्रम फैल सकता है, जिसके लिए अब कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

UAE में अफवाह फैलाना और गलत खबर शेयर करना कितना भारी पड़ सकता है?

UAE के कानूनों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर किसी की भी फोटो या वीडियो उसकी इजाजत के बिना पोस्ट करना अपराध है। इस गलती के लिए कम से कम छह महीने की जेल या 5 लाख दिरहम तक का जुर्माना हो सकता है। Federal Decree Law No. 34 of 2021 के तहत साइबर अपराधों और अफवाहों को रोकने के कड़े नियम लागू किए गए हैं। Telecommunications Regulatory Authority (TRA) ने फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म के लिए खास गाइडलाइंस जारी की हैं, जिसमें प्राइवेसी और स्थानीय कानूनों का पालन करना जरूरी है।

हालिया हमलों के बाद सरकार ने क्या निर्देश दिए हैं?

4 मई 2026 को दुबई में सुरक्षा अलर्ट जारी किए गए थे। ईरान के ड्रोन हमले और मिसाइल अलर्ट के बाद Ministry of Interior ने लोगों को सुरक्षित इमारतों में रहने और खिड़कियों से दूर रहने की सलाह दी थी। Attorney-General और National Media Authority ने सख्त हिदायत दी है कि घटना स्थलों की फोटो, वीडियो या कोई भी अनौपचारिक जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर न करें। सरकार ने साफ किया है कि देश की सरकार या अधिकारियों के खिलाफ अपमानजनक सामग्री पोस्ट करना गैरकानूनी है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

UAE में प्राइवेसी उल्लंघन पर क्या सजा हो सकती है?

बिना अनुमति किसी व्यक्ति की फोटो या वीडियो सोशल मीडिया पर डालना अपराध है। इसके लिए न्यूनतम छह महीने की जेल और 5 लाख दिरहम तक का जुर्माना लग सकता है।

आधिकारिक और सही जानकारी के लिए किन स्रोतों पर भरोसा करें?

जनता को National Emergency Crisis and Disaster Management Authority (NCEMA), Ministry of Interior और दुबई मीडिया ऑफिस जैसे सरकारी निकायों द्वारा जारी अपडेट्स पर ही भरोसा करना चाहिए।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.