UAE और South Korea ने अपने रिश्तों को और मजबूत करने का फैसला किया है. दोनों देशों के बड़े अधिकारियों ने अबू धाबी में मुलाकात की और तय किया कि वे ऊर्जा, न्यूक्लियर पावर और नई टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे. इस साझेदारी से न सिर्फ ऊर्जा सुरक्षा बढ़ेगी बल्कि नई तकनीकों का विकास भी होगा.

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ऊर्जा और नई तकनीक पर चर्चा

Ministry of Energy and Infrastructure के Undersecretary Eng. Sharif Al Olama ने South Korea के Minister Kim Jung-kwan से मुलाकात की. इस बैठक में दोनों देशों ने अपनी ‘स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ को आगे बढ़ाने पर चर्चा की. इसमें ऊर्जा, न्यूक्लियर पावर, रिन्यूएबल एनर्जी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया है.

न्यूक्लियर पावर और सुरक्षा

बैठक के दौरान Barakah Nuclear Energy Plant की सफलता पर बात हुई, जिसे अंतरराष्ट्रीय सहयोग का एक बड़ा मॉडल माना गया है. अब दोनों देश छोटे न्यूक्लियर रिएक्टर्स (SMRs) और तीसरे देशों के बाजारों में मिलकर काम करने की योजना बना रहे हैं. हाल ही में हुए ड्रोन हमलों को देखते हुए, दोनों देशों ने न्यूक्लियर प्लांट की सुरक्षा के लिए टेक्नोलॉजी और जानकारी साझा करने पर सहमति जताई ताकि वहां काम करने वाले कोरियाई कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

तेल सप्लाई और इंफ्रास्ट्रक्चर

ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा करते हुए Minister Kim Jung-kwan ने बताया कि UAE द्वारा इमरजेंसी सप्लाई के लिए दिए गए 24 मिलियन बैरल कच्चे तेल का काम सुचारू रूप से चल रहा है. दक्षिण कोरियाई कंपनियों ने UAE में तेल पाइपलाइन नेटवर्क और अंडरग्राउंड स्टोरेज प्रोजेक्ट्स में हिस्सा लेने की इच्छा जताई है. इसका मकसद एक ऐसा सप्लाई चेन बनाना है जिससे Strait of Hormuz पर निर्भरता कम हो सके.

रिन्यूएबल एनर्जी और AI का लक्ष्य

Eng. Sharif Al Olama ने बताया कि UAE ने साल 2031 तक 22 GW रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता का लक्ष्य रखा है. इसके लिए बड़े बैटरी स्टोरेज प्रोजेक्ट्स पर काम किया जाएगा. साथ ही, डेटा सेंटर्स और ऊर्जा की बचत के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया.