UAE की कंपनी Space42 ने Thuraya-4 सैटेलाइट को लेकर एक बड़ी जानकारी साझा की है। अब यह सैटेलाइट केवल बैकअप के तौर पर इस्तेमाल नहीं होगा, बल्कि एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनेगा जिससे कई ज़रूरी सेक्टर सीधे तौर पर जुड़ सकेंगे। इससे समुद्र में चलने वाले जहाजों, दूर-दराज के इलाकों में काम करने वाली ऊर्जा टीमों और हवाई जहाजों को सुरक्षित और तुरंत कनेक्टिविटी मिल पाएगी।

Thuraya-4 सैटेलाइट से किन लोगों को और किन सेक्टर को फायदा होगा?

Space42 के CEO अली अल हाशेमी ने ‘Make it in the Emirates 2026’ इवेंट के दौरान बताया कि मुश्किल हालातों में काम करने वाली टीमों के लिए सुरक्षित संचार बहुत ज़रूरी है। Thuraya-4 के जरिए अब इन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी:

  • समुद्री सेवाएं: समुद्र में चलने वाले बड़े जहाजों को सुरक्षित संपर्क मिलेगा।
  • ऊर्जा क्षेत्र: रेगिस्तान या पहाड़ों जैसे दूरदराज इलाकों में तेल और गैस का काम करने वाली टीमों को मदद मिलेगी।
  • हवाई नेटवर्क: विमानों और ड्रोन के लिए संचार व्यवस्था मज़बूत होगी।
  • आपातकालीन सेवाएं: राहत कार्यों और स्वास्थ्य सेवाओं में जहाँ मोबाइल टावर नहीं होते, वहाँ यह सैटेलाइट काम आएगा।
  • राष्ट्रीय सुरक्षा: सेना और सुरक्षा बलों को सुरक्षित और गुप्त बातचीत करने में आसानी होगी।

Thuraya-4 की खासियतें और कवरेज एरिया क्या है?

यह सैटेलाइट दुनिया के 100 से ज़्यादा देशों में अपनी सेवाएं दे रहा है, जिसमें यूरोप, अफ्रीका, मध्य एशिया और मिडिल ईस्ट शामिल हैं। अब इसका विस्तार दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया, बोत्सवाना, मोज़ाम्बिक और जाम्बिया जैसे नए बाज़ारों में भी किया गया है। इसकी कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • इसमें मिलिट्री लेवल का एन्क्रिप्शन है जिससे डेटा सुरक्षित रहता है।
  • यह L-band स्पेक्ट्रम पर काम करता है, जो खराब मौसम में भी नेटवर्क बनाए रखता है।
  • यह Direct-to-Device (D2D) और IoT कनेक्टिविटी को सपोर्ट करता है।
  • Airbus ने इसे अपने Eurostar Neo प्लेटफॉर्म पर बनाया है।

Space42 और UAE सरकार के बीच हुए बड़े समझौते

Space42 ने संचार सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए UAE सरकार के साथ कई बड़े करार किए हैं, जिसका विवरण नीचे दी गई टेबल में है:

समझौता/प्रोजेक्ट समय सीमा कुल कीमत
Thuraya-4 सेवाएं 15 साल 708 मिलियन अमेरिकी डॉलर
Al Yah 4 और Al Yah 5 सैटेलाइट 17 साल 18.7 बिलियन AED

Frequently Asked Questions (FAQs)

Thuraya-4 सैटेलाइट आम लोगों या कंपनियों के लिए क्यों ज़रूरी है?

यह उन जगहों पर इंटरनेट और कॉल की सुविधा देता है जहाँ मोबाइल टावर नहीं होते, जैसे गहरे समुद्र, रेगिस्तान या आपदा प्रभावित इलाके।

Thuraya-4 किन देशों में काम करेगा?

यह यूरोप, अफ्रीका और मध्य एशिया सहित 100 से अधिक देशों में काम करता है, जिसमें अब दक्षिण अफ्रीकी देश भी शामिल हो गए हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.