मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच UAE ने अपनी मजबूती और स्थिरता का भरोसा दिलाया है। Hend Al Otaiba ने कहा कि देश को कभी आसान हालात में नहीं बनाया गया, बल्कि चुनौतियों ने इसे और ताकतवर बनाया है। UAE ने साफ कर दिया है कि वह अपने लक्ष्यों से पीछे नहीं हटेगा और देश की संस्थाएं किसी भी दबाव में स्थिर रहेंगी।
Hend Al Otaiba ने UAE की स्थिरता पर क्या कहा?
Hend Al Otaiba ने 15 अप्रैल को अपने बयान में बताया कि UAE ने पहले भी कई मुश्किल दौर देखे हैं और हर बार मजबूती से बाहर निकला है। उनके मुताबिक, अनिश्चितता के बावजूद देश ने न तो अपना रास्ता बदला है और न ही रुकने का फैसला किया है। देश की नींव ही इस तरह तैयार की गई थी कि दबाव के समय में भी फैसले और संस्थाएं मजबूती से टिकी रहें। यही अनुभव आज के हालात में देश को स्थिर बनाए हुए है।
शांति के लिए UAE और चीन की बातचीत
UAE अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी शांति की कोशिशें कर रहा है ताकि क्षेत्र में स्थिरता बनी रहे। 14 अप्रैल को अबू धाबी के क्राउन प्रिंस Sheikh Khaled bin Mohamed bin Zayed Al Nahyan ने चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping से मुलाकात की। इस बैठक में कुछ मुख्य बिंदुओं पर चर्चा हुई:
- मध्य पूर्व संकट के राजनीतिक समाधान के लिए चीन की भूमिका की सराहना की गई।
- सीजफायर (ceasefire) कराने के लिए चीन के साथ तालमेल बिठाने पर बात हुई।
- अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया।
- क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को बहाल करने के लिए आपसी समन्वय पर जोर दिया गया।
सुरक्षा और आर्थिक मजबूती के इंतजाम
क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए UAE ने अपनी सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को मजबूत रखा है। Yousef Al Otaiba ने मार्च में बताया था कि UAE अमेरिका के साथ अपने 1.4 ट्रिलियन डॉलर के निवेश ढांचे को आगे बढ़ा रहा है। साथ ही, देश ने अपनी सुरक्षा के लिए उन्नत मिसाइल और ड्रोन डिफेंस सिस्टम तैयार किए हैं। इसके अलावा, हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के विकल्प के रूप में एक रणनीतिक तेल पाइपलाइन का इंतजाम भी किया गया है ताकि तेल की सप्लाई बाधित न हो।
