UAE ने गाज़ा में युद्ध की वजह से अपाहिज हुए लोगों के लिए एक बहुत बड़ी मदद का ऐलान किया है. इस नए प्रोग्राम का नाम ‘Step of Hope’ रखा गया है, जिसका मकसद उन लोगों को नकली अंग देना है जिन्होंने इस लड़ाई में अपने हाथ या पैर खो दिए हैं. यह कदम उन लोगों की जिंदगी में फिर से उम्मीद जगाने और उन्हें दोबारा अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए उठाया गया है.

क्या है Step of Hope प्रोग्राम

इस मानवीय मदद प्रोग्राम की आधिकारिक शुरुआत गुरुवार, 11 जून 2026 को हुई. इसका मुख्य काम गाज़ा के उन लोगों को नकली अंग (prosthetic limbs) देना और उनकी पूरी देखभाल करना है जो युद्ध के कारण चलने-फिरने में असमर्थ हो गए हैं. यह मदद ‘Operation Chivalrous Knight 3’ और International Charity Organisation (ICO) के सहयोग से दी जाएगी. मिस्र के अल अरिश (Al Arish) में स्थित UAE Floating Hospital इस पूरे काम के लिए मुख्य केंद्र के रूप में काम करेगा.

कैसे मिलेगी मदद, ये है पूरा प्लान

मरीजों तक मदद पहुँचाने के लिए इस प्रोग्राम को तीन अलग-अलग चरणों में बांटा गया है:

  • पहला चरण: मरीज एक खास हेल्पलाइन नंबर के जरिए UAE Floating Hospital से संपर्क करेंगे, जिसके बाद उनकी क्लिनिकल जांच होगी और नकली अंगों के लिए सही माप लिया जाएगा.
  • दूसरा चरण: गाज़ा के अंदर मौजूद टीमें 3D डिजिटल स्कैनिंग तकनीक का इस्तेमाल करके अंगों का मैप बनाएंगी. इस डेटा को अल अरिश भेजा जाएगा, जहाँ नकली अंग तैयार कर गाज़ा में लाभार्थियों तक पहुँचाए जाएंगे.
  • तीसरा चरण: लंबे समय के लिए गाज़ा के अंदर ही मैन्युफैक्चरिंग सेंटर बनाए जाएंगे और वहां की पुरानी वर्कशॉप को दोबारा ठीक किया जाएगा ताकि स्थानीय स्तर पर ही इलाज और अंग बनाना मुमकिन हो सके.

अधिकारियों ने क्या कहा

Operation Gallant Knight 3 के प्रवक्ता Mohamed Al Sharif ने बताया कि ‘Step of Hope’ फिलिस्तीनियों के दुख को कम करने की UAE की अटूट प्रतिबद्धता को दिखाता है. उन्होंने यह भी कहा कि यह एक पूरा इकोसिस्टम है जिसमें भविष्य में और भी चैरिटी संस्थाएं जुड़ेंगी. वहीं ICO के Secretary-General Dr. Khalid Abdulwahab Al Khaja ने कहा कि यह प्रोजेक्ट मानवीय गरिमा को केंद्र में रखने के UAE नेतृत्व के मूल्यों को दर्शाता है. इस प्रोग्राम के पहले चरण में 40 से ज़्यादा लोगों को उनकी जरूरत के हिसाब से कस्टम नकली अंग दिए जाएंगे.