UAE ने गाजा के लोगों की मदद के लिए चलाए जा रहे ‘स्टेप ऑफ होप’ प्रोग्राम के तहत बड़ा काम किया है। 29 जुलाई 2026 तक इस अभियान के जरिए कुल 51 फिलिस्तीनी नागरिकों को कृत्रिम अंग यानी आर्टिफिशियल लिम्ब्स लगाए गए हैं। यह पूरी प्रक्रिया मिस्र के अल अरिश में मौजूद UAE के फ्लोटिंग हॉस्पिटल में पूरी की गई है, जो ‘ऑपरेशन चिवल्रस नाइट 3’ का ही एक हिस्सा है।
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टेक्नोलॉजी और सेवा का मिलाजुला प्रयास
इस प्रोग्राम के तहत मरीजों को सिर्फ अंग ही नहीं लगाए जा रहे, बल्कि उन्हें फिजियोथेरेपी और मेडिकल फॉलो-अप जैसी सुविधाएं भी दी जा रही हैं। अस्पताल के डॉक्टर यूसुफ अल नुऐमी के मुताबिक, गाजा में मौजूद मरीजों के अंगों की 3D स्कैनिंग की जाती है और फिर उसका डेटा अल अरिश के अस्पताल भेजा जाता है, जिससे बिल्कुल सही माप के कृत्रिम अंग तैयार हो सकें। सरकार की योजना अब गाजा के अंदर ही ऐसी सुविधाएं स्थापित करने की है ताकि वहां के लोगों को इलाज के लिए दूर न जाना पड़े।
UAE के ‘पीपल ऑफ डिटरमिनेशन’ भी शामिल
इस नेक काम में UAE के ‘पीपल ऑफ डिटरमिनेशन’ यानी दिव्यांग व्यक्तियों की भी अहम भूमिका है, जो इन अंगों की डिजाइनिंग और निर्माण में अपना योगदान दे रहे हैं। 31 जुलाई 2026 को ‘जायद अथॉरिटी फॉर पीपल ऑफ डिटरमिनेशन’ और ‘मा-आन’ (Ma’an) संस्था ने भी इस प्रोग्राम को आधिकारिक रूप से ज्वाइन किया है। जायद अथॉरिटी के सेक्रेटरी-जनरल अब्दुल्ला अब्दुलअली अल हुमैदान ने कहा कि यह प्रोग्राम UAE के उस विजन को दिखाता है जिसमें दिव्यांग साथियों को मानवीय कार्यों का अहम हिस्सा माना जाता है।
