संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के शेयर बाज़ारों के लिए पिछले एक महीने का समय काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इज़राइल की ईरान के खिलाफ शुरू हुई सैन्य कार्रवाई के बाद से दुबई और अबू धाबी के बाज़ारों में भारी गिरावट देखी गई है। अल जजीरा की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक इन बाज़ारों ने अपनी कुल वैल्यू में से लगभग 120 बिलियन डॉलर गंवा दिए हैं। यह गिरावट दुनिया भर के प्रमुख वित्तीय बाज़ारों में सबसे अधिक और गंभीर मानी जा रही है।

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दुबई और अबू धाबी के बाज़ारों पर क्या असर पड़ा?

युद्ध की शुरुआत के बाद दुबई Financial Market (DFM) और अबू धाबी Securities Exchange (ADX) को एहतियात के तौर पर दो दिनों के लिए बंद भी करना पड़ा था। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, दुबई का मुख्य सूचकांक लगभग 16 प्रतिशत तक नीचे गिर गया है, जबकि अबू धाबी के बाज़ार में 9 प्रतिशत की कमी आई है। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और सुरक्षा संबंधी चिंताओं का सीधा असर निवेशकों के भरोसे पर पड़ा है। हालांकि सऊदी अरब के बाज़ार में कुछ बढ़त देखी गई है, लेकिन यूएई के बाज़ारों को सबसे ज़्यादा नुकसान झेलना पड़ रहा है।

युद्ध के 32 दिनों में अब तक की मुख्य जानकारियां

इस संघर्ष का असर केवल शेयर बाज़ार तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर इसका प्रभाव पड़ा है। अब तक हुई मुख्य घटनाओं और नुकसान का विवरण नीचे दिया गया है:

विषय ताज़ा अपडेट
सैन्य हमले अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के 13,000 ठिकानों को निशाना बनाया है।
ईरानी नौसेना ईरान के 150 जहाज़ नष्ट हुए हैं, जिनमें 92% बड़े जहाज़ शामिल हैं।
जान-माल का नुकसान ईरान में अब तक 1,937 लोगों की जान जाने की खबर है।
मिसाइल हमले हिज़बुल्लाह ने इज़राइल पर 5,000 से अधिक मिसाइल और ड्रोन दागे हैं।
क्षेत्रीय प्रभाव कतर ने गैस उत्पादन रोका और कुवैत के टैंकर में आग लगने की घटना हुई।
शांति प्रयास पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं।

अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने संकेत दिया है कि युद्ध के सैन्य लक्ष्य अगले कुछ हफ़्तों में पूरे हो सकते हैं। इस बीच, ईरान ने अमेरिका से खाड़ी देशों से अपनी सेना हटाने की मांग की है और परमाणु ठिकानों पर हुए हमलों का बदला लेने की बात कही है। यूएई में रहने वाले प्रवासियों और निवेशकों के लिए यह स्थिति काफी चिंताजनक बनी हुई है क्योंकि बाज़ार में अस्थिरता का सीधा असर व्यापार और नौकरियों पर पड़ सकता है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.