UAE में सिविल मैरिज का नियम बदला, गैर-मुस्लिम प्रवासियों के लिए शादी करना हुआ और भी आसान.

Aanya9 August 20263 min read93 viewsUAE
UAE में सिविल मैरिज का नियम बदला, गैर-मुस्लिम प्रवासियों के लिए शादी करना हुआ और भी आसान.

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने अपनी पर्सनल स्टेटस कानूनों में बड़ा बदलाव किया है, जिससे देश में रहने वाले गैर-मुस्लिम प्रवासियों के लिए सिविल विवाह प्रक्रिया बेहद आसान हो गई है। यूएई सरकार ने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत विवाह, तलाक, संपत्ति और बच्चों की कस्टडी से जुड़े नियमों को पूरी तरह से सरल बना दिया है ताकि यहां रहने वाले प्रवासियों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। भारत और अन्य देशों से यूएई में नौकरी या बिजनेस के लिए आने वाले लाखों प्रवासियों के लिए यह एक बहुत बड़ी राहत भरी खबर है जो अपने परिवार या पार्टनर के साथ वहां रहते हैं।

नए नियमों और कानूनों की मुख्य बातें

यूएई सरकार की तरफ से जारी किए गए नए नियमों के मुताबिक, फेडरल डिक्री-लॉ नंबर 41, 2022 जो 1 फरवरी 2023 को लागू हुआ था, और इसके बाद आया नया फेडरल डिक्री-लॉ नंबर 41, 2024 जो 15 अप्रैल 2025 से प्रभावी हुआ है, प्रवासियों को एक नया विकल्प देता है। इसके तहत गैर-मुस्लिम प्रवासी चाहें तो अपने गृह देश के कानून को चुन सकते हैं या फिर यूएई के सरल सिविल पर्सनल स्टेटस कानूनों के अनुसार अपनी शादी रजिस्टर करवा सकते हैं। इन सभी कानूनी सुधारों का मुख्य मकसद प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाना है ताकि कोर्ट कचहरी के चक्कर में ज्यादा समय बर्बाद न हो।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

शादी के लिए जरूरी शर्तें और योग्यता

अगर कोई गैर-मुस्लिम जोड़ा यूएई में सिविल मैरिज करना चाहता है, तो उसके लिए कुछ खास नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है। शादी करने वाले दोनों पार्टनर गैर-मुस्लिम होने चाहिए और उनकी उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। हालांकि, दुबई की 24 घंटे वाली विशेष सेवा का लाभ उठाने के लिए उम्र कम से कम 21 वर्ष तय की गई है। इसके अलावा, जज के सामने दोनों पक्षों की तरफ से आपसी सहमति देना बेहद जरूरी होता है।

विवाह प्रक्रिया पूरी करने के लिए कुछ जरूरी कागजात साथ रखना होते हैं, जिनमें:

  • वैलिड पासपोर्ट
  • रेजिडेंसी वीजा
  • अविवाहित होने का प्रमाण यानी सिंगल स्टेटस सर्टिफिकेट
  • हेल्थ सर्टिफिकेट
  • ओरिजिनल पहचान पत्र

अगर दस्तावेज अरबी भाषा में नहीं हैं, तो उन्हें प्रमाणित अनुवादक से ट्रांसलेट करवाना पड़ता है। दुबई में कम से कम एक पार्टनर का दुबई का निवासी होना जरूरी है, जबकि अबू धाबी में दुनिया के किसी भी कोने से आए पर्यटक भी शादी कर सकते हैं और इसके लिए नागरिकता या रेजिडेंसी की कोई पाबंदी नहीं होती है।

24 घंटे में मिलता है सिविल मैरिज लाइसेंस

कानूनी ढांचे में लगातार सुधार के कारण अब प्रक्रिया बहुत तेज हो गई है। फेडरल डिक्री-लॉ नंबर 2024 के तहत अब संघीय स्तर पर सिविल विवाह प्रक्रियाओं को जोड़ा गया है, जिससे शादी के लिए किसी भी धार्मिक समारोह या अभिभावक यानी गार्जियन की जरूरत नहीं होती है। इस कानून के तहत सही तरीके से नोटरीकृत होने पर प्री-नूपुरल और पोस्ट-नूपुरल यानी शादी से पहले और बाद के समझौतों को भी पूरी कानूनी मान्यता मिलती है। दुबई कोर्ट्स जैसी संस्थाओं के जरिए अब महज 24 घंटे के भीतर सिविल वेडिंग लाइसेंस मिल जाता है।

इससे पहले अबू धाबी में साल 2021 का कानून आने के बाद से नागरिक विवाह और बिना किसी विवाद वाले तलाक की प्रक्रिया शुरू हुई थी। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, साल 2026 के शुरुआती महीनों तक अबू धाबी कानून के तहत 53,000 से ज्यादा सिविल मैरिज कॉन्ट्रैक्ट रजिस्टर हो चुके हैं। यूएई के इस कदम से वहां रहने वाले भारतीय और अन्य देशों के प्रवासियों को अपनी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने में बहुत आसानी हो रही है और वे बिना किसी झंझट के अपने जीवन से जुड़े बड़े फैसले ले पा रहे हैं।

Share:

Comments

Leave a comment