यूएई में काम करने वाले नौकरीपेशा लोगों और प्रवासियों के लिए एंड-ऑफ-सर्विस बेनिफिट (EOSB) यानी ग्रेच्युटी को लेकर एक बड़ा अपडेट आया है। सुकून इंश्योरेंस (Sukoon Insurance) को कैपिटल मार्केट अथॉरिटी (CMA) से यूएई मेनलैंड फंड एडमिनिस्ट्रेटर लाइसेंस मिल गया है। इस लाइसेंस की मदद से कंपनी अब कर्मचारियों के ग्रेच्युटी के पैसे को सुरक्षित रखने और उसे बढ़ाने के लिए एक वैकल्पिक सेविंग्स स्कीम पेश करेगी। इस फैसले से यूएई में रहने वाले लाखों भारतीय और अन्य विदेशी कर्मचारियों को अपनी मेहनत की कमाई पर अधिक सुरक्षा मिलेगी।
क्या है यह नई ग्रेच्युटी सेविंग्स स्कीम और यह कैसे काम करेगी?
यूएई सरकार ने नवंबर 2023 में एक वैकल्पिक एंड-ऑफ-सर्विस बेनिफिट (EOSB) सेविंग्स स्कीम की शुरुआत की थी। इस स्कीम का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों के ग्रेच्युटी के पैसे को महंगाई, नियोक्ता के डिफ़ॉल्ट होने या कंपनी के दिवालिया होने जैसी स्थितियों से बचाना है। अब सुकून इंश्योरेंस इस लाइसेंस के मिलने के बाद मेनलैंड में इस फंड का प्रबंधन करेगी।
इस योजना के तहत नियोक्ताओं (Employers) को अपने कर्मचारियों के लिए हर महीने एक निश्चित राशि का योगदान करना होता है। इसके मुख्य नियम और आंकड़े नीचे दिए गए हैं:
| विवरण (Details) | नियम और दरें (Rules & Rates) |
|---|---|
| 5 साल से कम की नौकरी के लिए योगदान | मूल वेतन (Basic Salary) का 5.83% हर महीने |
| 5 साल या उससे अधिक की नौकरी के लिए योगदान | मूल वेतन (Basic Salary) का 8.33% हर महीने |
| कर्मचारी का स्वैच्छिक योगदान (Voluntary Contribution) | सकल वेतन (Gross Salary) का 25% तक |
| लाइसेंस मिलने की तिथि | 2 जून, 2026 |
समय पर पैसा जमा न करने पर कंपनियों पर लगेगा भारी जुर्माना
सरकारी नियमों के अनुसार, जो नियोक्ता इस वैकल्पिक योजना को चुनते हैं, उन्हें हर महीने समय पर योगदान देना होगा। यदि कोई कंपनी समय पर पैसा जमा करने में विफल रहती है, तो उस पर भारी प्रशासनिक जुर्माना लगाया जाएगा। इतना ही नहीं, नियमों की अनदेखी करने वाली कंपनियों के नए वर्क परमिट जारी करने पर भी रोक लगाई जा सकती है।
यह योजना नियोक्ताओं के लिए वैकल्पिक है, लेकिन यदि कोई नियोक्ता इसमें भाग लेने का फैसला करता है, तो उसके द्वारा चुने गए कर्मचारियों के लिए इसमें शामिल होना अनिवार्य हो जाता है। कर्मचारी भी इस स्कीम में अपनी मर्जी से अपनी ग्रॉस सैलरी का 25% तक अतिरिक्त पैसा निवेश कर सकते हैं, जिसे वे कभी भी निकाल सकते हैं।
सुकून इंश्योरेंस की नई सेवा और अन्य फंड प्रोवाइडर्स
सुकून इंश्योरेंस ने इस नई सेवा को संचालित करने के लिए ‘सुकून वर्कप्लेस सेविंग्स सॉल्यूशंस फंड एडमिनिस्ट्रेटर लिमिटेड’ (SWSSFA) की स्थापना की है। यह सेवा सुकून की दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर (DIFC) में चल रही मौजूदा सेवाओं से बिल्कुल अलग होगी और केवल यूएई मेनलैंड के लिए काम करेगी। यूएई में इस योजना के लिए पहले से ही लूनेट (Lunate), दमन इन्वेस्टमेंट्स (Daman Investments), नेशनल बॉण्ड्स और फर्स्ट अबू धाबी बैंक (FAB) जैसे बड़े नाम स्वीकृत प्रदाताओं के रूप में काम कर रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या इस सेविंग्स स्कीम में कर्मचारी अपनी तरफ से भी पैसा जमा कर सकते हैं?
हां, कर्मचारी अपनी मर्जी से अपने कुल वेतन (Gross Salary) का 25% तक का स्वैच्छिक योगदान दे सकते हैं। इस पैसे को वे कभी भी निकाल या निवेश कर सकते हैं।
यदि कंपनी समय पर ग्रेच्युटी फंड में योगदान नहीं करती है तो क्या होगा?
यदि कोई नियोक्ता समय पर मासिक योगदान नहीं देता है, तो मानव संसाधन और अमीरात मंत्रालय (MoHRE) द्वारा उस पर प्रशासनिक जुर्माना लगाया जाएगा और उसके नए वर्क परमिट निलंबित किए जा सकते हैं।
इस योजना में 5 साल से अधिक सेवा वाले कर्मचारियों के लिए नियोक्ता को कितना योगदान देना होगा?
5 साल या उससे अधिक की सेवा वाले कर्मचारियों के लिए नियोक्ता को उनके मूल मासिक वेतन का 8.33% हिस्सा हर महीने इस फंड में जमा करना होगा।
