यूएई में छुट्टियों के मौसम के दौरान धोखाधड़ी के मामलों में भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है। जालसाज अब सोशल मीडिया और फर्जी वेबसाइटों के जरिए नकली ऑफर देकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। जुलाई 2023 से जून 2024 के बीच यूएई में संदिग्ध लेनदेन रिपोर्ट (STR) और संदिग्ध गतिविधि रिपोर्ट (SAR) में 57 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो इस समस्या की गंभीरता को दर्शाता है।

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AI से बढ़ रहा है खतरा

धोखेबाज अब उन्नत एआई तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं। नवंबर 2024 में प्रकाशित एक सर्वेक्षण के अनुसार, 50 प्रतिशत लोगों का मानना है कि उन्होंने पिछले एक साल में किसी न किसी एआई घोटाले का अनुभव किया है। ये लोग सस्ती छुट्टियां, नकली होटल बुकिंग और विला रेंटल के नाम पर लोगों से जल्दी पैसे देने का दबाव बनाते हैं। फेडरल ट्रेड कमीशन के डेटा के मुताबिक, साल 2025 में दुनिया भर में ऐसे मामलों में 3.5 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है।

सरकारी कार्रवाई और सुरक्षा नियम

यूएई सरकार इस खतरे से निपटने के लिए सख्त कदम उठा रही है। दुबई पुलिस और अबू धाबी पुलिस ने ‘बी अवेयर ऑफ फ्रॉड’ अभियान के जरिए लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। इसके अलावा, 9 जुलाई 2026 को गृह मंत्रालय ने साइबर धोखाधड़ी रोकने के लिए एक राष्ट्रीय रणनीति पर कार्यशाला आयोजित की। केंद्रीय बैंक (CBUAE) ने भी सुरक्षा बढ़ाने के लिए 31 मार्च 2026 तक एसएमएस और ईमेल ओटीपी की जगह अधिक सुरक्षित प्रमाणीकरण के तरीके अनिवार्य कर दिए हैं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी के लिए लोग गृह मंत्रालय के eCrimes प्लेटफॉर्म या दुबई पुलिस की वेबसाइट पर संपर्क कर सकते हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.