अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते से अब UAE में यात्रा करने वालों के लिए अच्छी खबर है। इस समझौते के बाद गर्मियों की छुट्टियों में यात्रा करने वालों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि अभी हवाई किरायों में बढ़ोतरी है, लेकिन आने वाले समय में इनके कम होने की संभावना है।
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इस शांति समझौते की घोषणा सोमवार, 15 जून 2026 की सुबह की गई। यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बताया और बाद में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसकी पुष्टि की। दोनों देशों के बीच चल रहा यह विवाद करीब 100 दिनों तक चला था। अब इस समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर शुक्रवार, 19 जून 2026 को स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट में किए जाएंगे।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ऐलान किया कि ईरान पर लगाया गया अमेरिकी नौसेना का नाकाबंदी हटा ली गई है। साथ ही उन्होंने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) को बिना किसी शुल्क के खोलने की अनुमति दी है। इसके तहत सैन्य प्रतिबंधों और समुद्री नियंत्रणों को धीरे-धीरे कम किया जाएगा।
एयरलाइंस और यात्रियों पर असर
लंदन स्थित StrategicAero Research के मुख्य विश्लेषक सज अहमद ने बताया कि अगर यह समझौता तय समय पर साइन होता है, तो Emirates, flydubai, Etihad और Air Arabia जैसी एयरलाइंस की मांग काफी बढ़ जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि तेल की कीमतों में गिरावट आने और युद्धविराम पर भरोसा बढ़ने से हवाई किरायों में कमी आएगी।
ट्रैवल और एविएशन सलाहकार अनीता मेंदिराट्टा ने कहा कि वैश्विक कनेक्टिविटी में गल्फ देशों की भूमिका बहुत अहम है और संकट के समय भी यहां का एविएशन सेक्टर मजबूत रहा है।
एयरपोर्ट और रूट में बदलाव
शांति समझौते की खबर के बाद गल्फ की एयरलाइंस ने अपने रूट, शेड्यूल और इमरजेंसी प्लान में बदलाव करना शुरू कर दिया है। दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अल मकतूम एयरपोर्ट अब अपनी क्षमता बढ़ाने पर काम कर रहे हैं ताकि यात्रियों की बढ़ती संख्या को संभाला जा सके।
इससे पहले हवाई क्षेत्र पर लगी पाबंदियों की वजह से फ्लाइट्स को लंबे रूट से जाना पड़ता था, जिससे कंपनियों का खर्चा बढ़ गया था। अब इन पाबंदियों के हटने से एयर कॉरिडोर फिर से खुल जाएंगे और यात्रियों का भरोसा भी लौटेगा।
UAE में रहने वाले प्रवासियों, जिनमें मरियम और मोहम्मद जैसे लोग शामिल हैं, ने इस फैसले पर खुशी जताई है। उनका मानना है कि इस स्थिरता से जीवन स्तर में सुधार होगा और रहने का खर्च भी कम होगा। जो लोग अक्सर भारत और अन्य देशों की यात्रा करते हैं, उनके लिए यह खबर राहत भरी है क्योंकि इससे आने वाले समय में यात्रा आसान और सस्ती हो सकती है।