UAE के उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने देश की सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए एक नेशनल प्रोग्राम को मंजूरी दे दी है। इस कदम का मकसद यह है कि देश की बुनियादी जरूरतों के लिए बाहरी देशों पर निर्भरता कम हो और मार्केट में सामान की सप्लाई बनी रहे। सरकार ने इस योजना को सफल बनाने के लिए भारी बजट और नए नियम लागू किए हैं ताकि आम लोगों और बिजनेस को कोई दिक्कत न हो।
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सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए क्या योजना है?
सरकार ने औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। इसमें सबसे अहम एक नेशनल फंड बनाना है जो लोकल फैक्ट्रियों और नई टेक्नोलॉजी में मदद करेगा। इसके साथ ही सरकारी विभागों के लिए अब लोकल सामान खरीदना अनिवार्य कर दिया गया है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| इंडस्ट्रियल रेजिलिएंस फंड | 1 बिलियन दिरहम (करीब 272 मिलियन डॉलर) |
| लोकल बनाने वाले प्रोडक्ट्स | 5,000 से ज्यादा जरूरी सामान |
| मुख्य फोकस | आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और लोकल प्रोडक्शन |
| नया डेटा कमेटी | नेशनल इंडस्ट्रियल डेटा कमेटी का गठन |
दुकानों और ऑनलाइन मार्केट में क्या बदलाव आएंगे?
सरकार ने एक नई पॉलिसी बनाई है जिससे दुकानों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर UAE में बने सामानों की मौजूदगी बढ़ेगी। शुरुआत में उन चीजों पर ध्यान दिया जाएगा जो रोजमर्रा की जरूरत हैं और जिन्हें देश में आसानी से बनाया जा सकता है।
- जरूरी सामान: बोतलबंद पानी, डेयरी प्रोडक्ट्स और अंडे।
- खाद्य सामग्री: ताजा और ठंडा पोल्ट्री मीट, ब्रेड और आटा।
- अन्य सामान: लोकल पैकिंग वाला वेजिटेबल ऑयल और मौसमी सब्जियां।
Make it in the Emirates 2026 इवेंट की तैयारी
इस पूरे मिशन को आगे बढ़ाने के लिए 4 मई से 7 मई के बीच ADNEC सेंटर अबू धाबी में ‘Make it in the Emirates 2026’ इवेंट होगा। इसमें दुनिया भर के इन्वेस्टर्स और मैन्युफैक्चरर्स हिस्सा लेंगे। उम्मीद है कि इस इवेंट में 1,100 से ज्यादा प्रदर्शक आएंगे और करीब 1,20,000 लोग इसे देखने पहुंचेंगे ताकि लोकल प्रोडक्शन को बढ़ावा मिल सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इंडस्ट्रियल रेजिलिएंस फंड का क्या इस्तेमाल होगा?
यह 1 बिलियन दिरहम का फंड जरूरी उद्योगों को सपोर्ट करने, लोकल प्रोडक्शन बढ़ाने और फैक्ट्रियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल को तेज करने के लिए बनाया गया है।
आम जनता को इस फैसले से क्या फायदा होगा?
जब जरूरी सामान जैसे दूध, अंडे और ब्रेड लोकल लेवल पर बनेंगे, तो मार्केट में इनकी कमी नहीं होगी और सप्लाई चेन स्थिर रहेगी।