Strait of Hormuz के रास्ते को सुरक्षित बनाने के लिए खाड़ी देशों ने एक बड़ी पहल की है। UAE ने बहरीन के उस प्रस्ताव का समर्थन किया है जिसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पेश किया गया है। इस प्रस्ताव का मकसद यह पक्का करना है कि इस समुद्री रास्ते से जहाजों का आना-जाना बिना किसी देश के कंट्रोल के हो सके। GCC देशों और जॉर्डन ने भी इस बात पर जोर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए यह रास्ता खुला रहना बहुत जरूरी है।

आखिर क्यों जरूरी है Strait of Hormuz का खुला रहना?

Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक रास्तों में से एक है जहां से कच्चा तेल और अन्य सामान भारी मात्रा में ले जाया जाता है। अगर यह रास्ता बंद होता है या किसी देश के सख्त नियंत्रण में रहता है, तो पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर इसका बुरा असर पड़ेगा। भारत जैसे देशों के लिए यह रास्ता बहुत अहम है क्योंकि तेल और गैस की सप्लाई का एक बड़ा हिस्सा यहीं से होकर आता है।

  • बहरीन ने संयुक्त राष्ट्र में इस समुद्री रास्ते की सुरक्षा को लेकर ड्राफ्ट पेश किया है।
  • UAE, सऊदी अरब, कुवैत, ओमान और कतर जैसे देश इस फैसले में एक साथ खड़े हैं।
  • जॉर्डन ने भी इस समुद्री सुरक्षा प्रस्ताव को अपना पूरा समर्थन दिया है।
  • इस कदम से अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बिना किसी डर या रुकावट के जारी रखने में मदद मिलेगी।

ईरान की पाबंदियों और सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव की बड़ी बातें

हाल के दिनों में ईरान ने इस रास्ते पर कुछ नई पाबंदियां लगाने और जहाजों के लिए नए नियम बनाने की बात कही थी। ईरान की तरफ से यह कहा गया है कि युद्ध जैसी स्थितियों में सामान्य नियम लागू नहीं होंगे और जहाजों को गुजरने के लिए पहले से परमिट और लाइसेंस लेना होगा। इसके जवाब में ही सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव लाया गया है ताकि किसी भी तरह की मनमानी को रोका जा सके और फ्री शिपिंग जारी रहे।

मुख्य देश और संस्था ताजा स्थिति और फैसला
UAE और बहरीन समुद्री रास्ते को सभी के लिए खुला रखने की मांग की
ईरान नया नेविगेशन सिस्टम और क्रिप्टोकरेंसी में पेमेंट की तैयारी
संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव 2817 के जरिए समुद्री बाधाओं की निंदा की गई
फिलीपींस ईरान ने अपने जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने का भरोसा दिया

खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह खबर काफी मायने रखती है। इस समुद्री रास्ते में किसी भी तनाव या रुकावट से रोजमर्रा के सामानों की कीमतें बढ़ सकती हैं और भारत आने-जाने वाले कार्गो जहाजों पर भी असर पड़ सकता है। फिलहाल 22 देशों ने मिलकर ईरान की धमकियों के खिलाफ आवाज उठाई है और समुद्री सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.