UAE ने ईरान के साथ व्यापार किया पूरी तरह बंद, स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान आमने-सामने.

खाड़ी देशों में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और इसी बीच UAE सरकार ने ईरान के साथ अपने सभी व्यापारिक और वित्तीय लेन-देन को पूरी तरह से निलंबित करने का बड़ा ऐलान कर दिया है। यह फैसला 18 अगस्त 2026 को लिया गया जिसमें ईरान पर शिपिंग जहाजों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का गंभीर आरोप लगाया गया है। हालांकि, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। इस पूरी स्थिति के कारण खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों और कामगारों के मन में सुरक्षा और व्यापार को लेकर चिंताएं बढ़ने लगी हैं, जिससे आम जनता पर भी इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और ईरान के तीखे तेवर
एक ईरानी राजनयिक ने हाल ही में बयान देते हुए कहा है कि अमेरिका और इस्राइल की तरफ से जो सैन्य आक्रामकता दिखाई जा रही है, उसने United Nations Security Council के अंदरूनी तौर पर राजनीतिकरण को पूरी तरह से उजागर कर दिया है। IRNA News Agency की रिपोर्ट के मुताबिक यह सारी बातें 19 अगस्त 2026 को सामने आईं। सुरक्षा परिषद में पिछले आठ महीनों से 1737 Iran Sanctions Committee के नेतृत्व को लेकर एक अभूतपूर्व गतिरोध बना हुआ है जिससे संस्था का कामकाज काफी प्रभावित हुआ है। इस मामले पर सिक्योरिटी काउंसिल रिपोर्ट की कार्यकारी निदेशक Shamala Kandiah Thompson ने भी बताया कि इस आपसी गतिरोध की वजह से कई सहायक निकायों का कामकाज रुक गया है। रूस के संयुक्त राष्ट्र के दूत Vasily Nebenzya ने पश्चिमी देशों के सदस्यों की आलोचना की है क्योंकि वे प्रतिबंधों की व्यवस्था का पुनर्मूल्यांकन करने से साफ इनकार कर रहे हैं। ईरान के राजदूत Gholamhossein Darzi ने भी पहले कई बार परिषद द्वारा अमेरिका के कदमों पर चुप्पी साधने की कड़ी निंदा की है और देश की रक्षा करने के अधिकार पर जोर दिया है।
स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज और बयानों का दौर
क्षेत्र में चल रहे तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने 19 अगस्त 2026 को यह साफ कर दिया कि ईरान के साथ इस समय किसी भी तरह की कोई बात ना तो चल रही है और ना ही कोई बैठक तय है। इसके साथ ही उन्होंने नाकाबंदी के दावों को खारिज करते हुए कहा कि Strait of Hormuz पूरी तरह खुला हुआ है और सामान्य रूप से काम कर रहा है। राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर इस जलमार्ग को नया अमेरिकी क्षेत्र बताने वाली एक पोस्ट भी शेयर की थी जिसके उलट ईरान की संसद के अध्यक्ष Mohammad Baqer Qalibaf ने यह बयान दिया कि जब तक अमेरिका नौसेना की नाकाबंदी हटाने समेत अपनी शर्तें पूरी नहीं करता, तब तक यह जलमार्ग बंद ही रहेगा। सुप्रीम लीडर के सलाहकार Mohammad Mokhber ने कहा कि ईरान बातचीत के लिए हमेशा तैयार है लेकिन किसी भी कीमत पर आत्मसमर्पण नहीं करेगा। इसके अलावा, सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ Ali Abdollahi ने भी खाड़ी देशों को चेतावनी दी है कि वे अमेरिकी सेना की किसी भी प्रकार की मदद करने से दूर रहें।
इस्राइल का सीरिया पर हमला और सीरियाई प्रतिक्रिया
दूसरी तरफ, इस्राइल ने सीरिया के Abu al-Duhur Airbase पर 18 अगस्त 2026 को हुए एक एयरस्ट्राइक की जिम्मेदारी आधिकारिक रूप से स्वीकार कर ली है। इस्राइल का कहना है कि वहां तुर्की के सैनिकों की तैनाती की वजह से उनकी सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया था जिसे देखते हुए यह कदम उठाया गया। सीरियाई सरकार ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे देश की संप्रभुता का सीधा उल्लंघन करार दिया है। वहीं, तुर्की में अमेरिका के राजदूत Tom Barrack ने इस सैन्य कार्रवाई को एक अनावश्यक तनाव बढ़ाने वाला कदम बताया है। इन तमाम राजनीतिक और सैन्य उठापटक के बीच खाड़ी देशों में रहने वाले आम नागरिकों और कामगारों के सामने सुरक्षा और रोजगार को लेकर एक अनिश्चितता का माहौल बनता जा रहा है।