UAE ने ईरान के साथ किया व्यापार बंद, अमेरिका के नए सख्त नियमों से ईरान की अर्थव्यवस्था हुई पूरी तरह तबाह।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने ईरान को दुनिया भर के वित्तीय लेन-देन से पूरी तरह अलग करने के लिए एक बहुत बड़ा आर्थिक अभियान शुरू किया है। इस कड़े अभियान का नाम Operation Economic Outcast रखा गया है, जिसके तहत दुनिया भर के बड़े देशों से यह मांग की जा रही है कि वे ईरान के साथ सभी तरह के व्यापारिक रिश्ते तुरंत खत्म कर दें। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों को सीधे फोन करके ईरान के साथ अपने सारे संबंध तोड़ने को कहा है। इस नई पहल की शुरुआत 24 अगस्त 2026 को की गई थी, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति ने इतिहास का सबसे खतरनाक वित्तीय कदम बताया और कहा कि ईरान की अर्थव्यवस्था अब पूरी तरह से ढह रही है।
कड़े प्रतिबंधों की चपेट में कई बड़े सेक्टर
व्हाइट हाउस की तरफ से 23 अगस्त 2026 को यह जानकारी दी गई थी कि इस अभियान में अब तक के सबसे सख्त प्रतिबंध शामिल किए गए हैं। इन पाबंदियों का मुख्य निशाना शिपिंग, एविएशन, डिजिटल एसेट्स, तकनीक और सोने का कारोबार है। अमेरिकी अधिकारियों ने यह साफ कर दिया है कि जो भी संस्था या बैंक ईरान के लिए मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल पाया जाएगा, उसे अमेरिकी डॉलर आधारित वित्तीय सिस्टम से तुरंत बाहर कर दिया जाएगा। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि इसी हफ्ते के अंत तक किसी एक बड़े वित्तीय संस्थान पर कड़े प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। इन सभी सख्त कदमों का असर यह हुआ है कि ईरान की करेंसी की कीमत गिरकर अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है, और इसके साथ ही संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईरान के साथ होने वाले अपने सभी तरह के व्यापार और वित्तीय लेन-देन को आधिकारिक रूप से निलंबित कर दिया है।
ईरान की तीखी प्रतिक्रिया और क्षेत्रीय तनाव
अमेरिका के इन कड़े फैसलों के जवाब में ईरान की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने मौजूदा हालात को एक पूर्ण आर्थिक, सैन्य और सुरक्षा युद्ध करार दिया है। इसके अलावा ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख Mohsen Rezaei ने चेतावनी दी है कि जो भी देश इन पाबंदियों का समर्थन करेगा, उसे इस युद्ध में शामिल माना जाएगा और इसके परिणाम बहुत भयानक होंगे। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने भी अमेरिकी कदमों को खुला आर्थिक युद्ध बताया है। हालांकि चीन, जो ईरान से बड़े पैमाने पर तेल खरीदता है, इन एकतरफा प्रतिबंधों के खिलाफ है, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी ने तेल के जहाजों की आवाजाही को काफी हद तक रोक दिया है। इन तमाम तनावों के बीच ईरान ओमान के साथ लगातार बातचीत कर रहा है ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य के मामलों को संभाला जा सके, जबकि देश के भीतर गंभीर सामाजिक और आर्थिक समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।