दुबई के जेबेल अली पोर्ट पर बिना सीमा शुल्क क्लीयरेंस के पड़े रहने वाले खाने-पीने के शिपमेंट्स को अब बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा। यूएई फूड बैंक और डीपी वर्ल्ड फाउंडेशन ने मिलकर ‘सस्टेनेबल गुडनेस’ पहल की शुरुआत की है। इस नई पहल के तहत इन लावारिस शिपमेंट्स को पूरी सुरक्षा जांच के बाद जरूरतमंद लोगों में बांटा जाएगा ताकि भोजन की बर्बादी को रोका जा सके और समाज के गरीब तबके की मदद हो सके।

क्या है ‘सस्टेनेबल गुडनेस’ पहल और यह कैसे काम करेगी?

इस पहल को 7 जून 2026 को आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया गया है। इसके तहत जेबेल अली पोर्ट पर आने वाले उन खाद्य शिपमेंट्स की पहचान की जाएगी जिनके मालिक तय समय में कस्टम क्लीयरेंस की प्रक्रिया पूरी नहीं करते हैं। इसके बाद इन सामानों की गुणवत्ता और स्वास्थ्य मानकों की कड़ाई से जांच की जाएगी। जो भोजन खाने के लिए पूरी तरह सुरक्षित और स्वास्थ्य मानकों के अनुकूल पाया जाएगा, उसे यूएई फूड बैंक के मानवीय नेटवर्क के जरिए जरूरतमंद लोगों को वितरित कर दिया जाएगा।

इस समझौते पर दुबई नगर पालिका के महानिदेशक और यूएई फूड बैंक के न्यासी बोर्ड के उपाध्यक्ष इंजीनियर मरवान अहमद बिन गालिता, बंदरगाह, सीमा शुल्क और मुक्त क्षेत्र निगम के अध्यक्ष अब्दुल्ला बिन दमितान, दुबई सीमा शुल्क के महानिदेशक डॉ. अब्दुल्ला बुसेनाद और डीपी वर्ल्ड फाउंडेशन की महानिदेशक लतीफा अल कमजी की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए हैं।

भोजन की बर्बादी रोकने के लिए यूएई का बड़ा लक्ष्य

यूएई सरकार ने साल 2030 तक देश में भोजन की बर्बादी को 50 प्रतिशत तक कम करने का एक बड़ा राष्ट्रीय लक्ष्य रखा है। यह नई पहल इसी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है। इसके अलावा, देश में भोजन बर्बादी प्रबंधन को लेकर संघीय डिक्री-कानून संख्या (11) 2024 भी 30 मई 2025 से लागू हो चुका है। दुबई सीमा शुल्क भी खाद्य पदार्थों की निर्बाध आपूर्ति के लिए लगातार काम कर रहा है, जिसके तहत मार्च 2026 में ‘ग्रीन कॉरिडोर’ पहल भी शुरू की गई थी ताकि खाने-पीने और दवाओं के आयात को आसान बनाया जा सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

जेबेल अली पोर्ट पर छोड़े गए लावारिस खाने का क्या किया जाएगा?

पोर्ट पर बिना कस्टम क्लीयरेंस के छोड़े गए खाने के शिपमेंट्स की पहले स्वास्थ्य और सुरक्षा मानकों पर जांच की जाएगी। सुरक्षित पाए जाने पर इसे जरूरतमंदों में बांटा जाएगा।

सस्टेनेबल गुडनेस पहल को किसने शुरू किया है?

इस पहल को यूएई फूड बैंक और डीपी वर्ल्ड फाउंडेशन ने मिलकर शुरू किया है, जिसमें दुबई नगर पालिका और दुबई सीमा शुल्क भी सहयोग कर रहे हैं।

यूएई का भोजन बर्बादी को लेकर क्या लक्ष्य है?

यूएई ने अपनी खाद्य सुरक्षा रणनीति के तहत साल 2030 तक देश में भोजन की बर्बादी को 50 फीसदी तक कम करने का लक्ष्य रखा है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.