UAE और Syria के बीच स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ी पहल की गई है। दमिश्क में ‘Jaheziya Syria’ प्रोग्राम के दूसरे फेज की शुरुआत हो गई है। इस प्रोग्राम के जरिए दोनों देशों के मेडिकल संस्थानों के बीच साझेदारी को मजबूत किया जाएगा ताकि इमरजेंसी और आपदा के समय बेहतर इलाज और रिस्पांस मिल सके।

Jaheziya Syria प्रोग्राम का मकसद और लक्ष्य क्या है?

इस प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य सीरिया के हेल्थ सिस्टम को इतना मजबूत बनाना है कि वह किसी भी आपात स्थिति या आपदा का प्रभावी ढंग से सामना कर सके। इस पहल के तहत अगले 5 सालों में सरकारी और प्राइवेट सेक्टर के करीब 10,000 फ्रंटलाइन हेल्थ वर्कर्स को ट्रेनिंग दी जाएगी। इस प्रोग्राम का करिकुलम अमेरिका, कनाडा, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया के बड़े ट्रेनिंग सेंटर्स और यूनिवर्सिटीज से मान्यता प्राप्त है।

प्रोग्राम की अब तक की प्रगति और मुख्य तारीखें

इस पूरे प्रोजेक्ट को अलग-अलग चरणों में लागू किया गया है ताकि ट्रेनिंग की क्वालिटी बनी रहे। इसकी कुछ खास जानकारियां नीचे दी गई हैं:

  • 5 जनवरी 2026: सीरिया के स्वास्थ्य मंत्रालय और UAE के Jaheziya Foundation के बीच एक समझौता हुआ था, जिसके बाद 200 हेल्थ वर्कर्स के साथ पायलट फेज शुरू हुआ।
  • 4 फरवरी 2026: सीरिया के Sheikh Mohammed bin Zayed Field Hospital में ‘Jaheziya’ सिमुलेशन सेंटर का पायलट ओपनिंग हुआ।
  • पहला फेज: शुरुआती चरण में 400 से ज्यादा फ्रंटलाइन कर्मियों को सफलतापूर्वक ट्रेनिंग दी गई।
  • दूसरा फेज: 3 मई 2026 को दमिश्क में दूसरे फेज का आधिकारिक शुभारंभ हुआ।

अधिकारियों और एक्सपर्ट्स की राय

Syrian Commission for Medical Specialties के डायरेक्टर जनरल Dr. Iyad Baath ने बताया कि इस प्रोग्राम के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय और Jaheziya Academy के बीच एक जॉइंट कमेटी बनाई गई है। उन्होंने कहा कि सिमुलेशन आधारित शिक्षा से मेडिकल स्टाफ को प्रैक्टिकल अनुभव मिलता है जो असल इमरजेंसी में काम आता है। वहीं Jaheziya Foundation के प्रतिनिधियों ने जोर दिया कि किसी भी आपदा से निपटने के लिए मानव संसाधन यानी ट्रेंड स्टाफ ही सबसे पहली और मजबूत रक्षा पंक्ति होते हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Jaheziya Syria प्रोग्राम क्या है?

यह सीरिया और UAE के बीच एक मेडिकल प्रोग्राम है जिसका मकसद इमरजेंसी और आपदाओं के समय स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना और 10,000 स्वास्थ्य कर्मियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग देना है।

इस ट्रेनिंग को किन देशों से मान्यता मिली है?

इस प्रोग्राम का करिकुलम अमेरिका, कनाडा, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया के नामी ट्रेनिंग संस्थानों और यूनिवर्सिटीज द्वारा मान्यता प्राप्त है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.