UAE में ईद अल फितर 2026 आने में अभी काफी वक्त है, लेकिन दर्जी की दुकानों पर भीड़ अभी से बढ़ गई है। स्थिति यह है कि दुबई और शारजाह के कई इलाकों में टेलर्स ने ‘No More Orders’ यानी अब और ऑर्डर नहीं लिए जाएंगे, का बोर्ड लगा दिया है। लोग अपने कपड़े सिलवाने के लिए परेशान हो रहे हैं, लेकिन दुकानदारों का कहना है कि उनके पास काम करने की क्षमता अब खत्म हो चुकी है। 30 जनवरी के बाद से ही कई दुकानों ने नए ग्राहकों को मना करना शुरू कर दिया है।

सिलाई में कितना समय लग रहा है?

दुकानदारों के अनुसार, एक साधारण बदलाव या ऑल्टरेशन के लिए भी ग्राहकों को कम से कम 3 हफ्ते का इंतजार करना पड़ रहा है। अगर कोई नया कपड़ा सिलवाना चाहता है, तो उसे 4 हफ्ते का समय दिया जा रहा है। कढ़ाई और भारी काम वाले कपड़ों के लिए यह समय 5 से 8 हफ्ते तक पहुंच गया है। नाईफ और रोला जैसे बाजारों में दर्जी अब सिर्फ अपने पुराने और पक्के ग्राहकों का ही काम ले रहे हैं क्योंकि उनके पास पहले से ही बहुत काम जमा हो गया है।

सिलाई के दाम और सरकारी नियम

इस सीजन में सिलाई के दाम भी अलग-अलग हैं। साधारण काम 15 से 40 दिरहम में हो रहा है, जबकि खास कपड़ों की सिलाई 150 दिरहम से शुरू होकर हजारों तक जा रही है। सरकार ने सख्त निर्देश दिए हैं कि कोई भी दुकानदार त्योहार के नाम पर ज्यादा पैसे नहीं वसूल सकता। ग्राहकों को पक्का बिल देना जरूरी है और रसीद पर सामान, यूनिट प्राइस और कुल कीमत साफ लिखी होनी चाहिए।

सिलाई के मौजूदा रेट (अनुमानित):

काम का प्रकार कीमत (AED)
साधारण बदलाव 15 – 40
कस्टमाइज्ड सिलाई 150 – 800
डिजाइनर/कढ़ाई वाला काम 1,500 – 8,000

आर्थिक विकास विभाग (DED) और मंत्रालय लगातार बाजारों का दौरा कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ग्राहकों के साथ कोई धोखाधड़ी न हो। अगर कोई दुकानदार बिना वजह अतिरिक्त शुल्क मांगता है या प्राइस लिस्ट नहीं दिखाता है, तो उस पर कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल जिनके ऑर्डर नहीं लिए जा रहे हैं, वे अब मॉल में रेडीमेड कपड़ों की तरफ रुख कर रहे हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.