UAE Tanker Attack: होर्मुज जलडमरूमध्य में दो टैंकरों पर ड्रोन हमला, ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल के दाम 1% से ज्यादा बढ़े

Sushma Kumari15 August 20262 min read62 viewsUAE
UAE Tanker Attack: होर्मुज जलडमरूमध्य में दो टैंकरों पर ड्रोन हमला, ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल के दाम 1% से ज्यादा बढ़े

हार्मज जलडमरूमध्य में अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी यानी ADNOC के दो टैंकरों पर हुए ड्रोन हमलों के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल आया है। शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम 1% से अधिक बढ़ गए, जिससे खाड़ी देशों में चिंता का माहौल बन गया है। इस घटना के बाद से इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते पर जहाजों की आवाजाही काफी धीमी हो गई है।

यूएई सरकार का आधिकारिक बयान और तीखी प्रतिक्रिया

संयुक्त अरब अमीरात की सरकार ने इस पूरी घटना की कड़ी निंदा की है और इसे ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स द्वारा किया गया समुद्री डकैती का कृत्य बताया है। यूएई के अधिकारियों का कहना है कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव संख्या 2817 का खुला उल्लंघन है। क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की वजह से खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और कामगारों के बीच भी चिंता देखी जा रही है, क्योंकि इसका सीधा असर आर्थिक गतिविधियों पर पड़ सकता है।

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अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक गतिरोध जारी

ऊर्जा बाजार में यह उथल-पुथल अमेरिका और ईरान के बीच चल रही कूटनीतिक बातचीत के पूरी तरह से ठप होने के कारण और ज्यादा बढ़ गई है। कतर और पाकिस्तान के मध्यस्थ इस मामले को सुलझाने के लिए तेहरान के लगातार संपर्क में हैं, लेकिन ईरानी विदेश मंत्री عباس عراقچی (Abbas Araqchi) ने स्पष्ट किया है कि औपचारिक बातचीत को दोबारा शुरू करने को लेकर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है।

नौसेना की नाकेबंदी और आर्थिक प्रतिबंधों की तैयारी

दूसरी ओर अमेरिकी अधिकारियों ने स्थिति से निपटने के लिए कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth और ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने साफ कहा है कि अमेरिका नौसेना की नाकेबंदी को जारी रखेगा और ईरान के खिलाफ अभूतपूर्व आर्थिक प्रतिबंध लगाने की पूरी तैयारी कर रहा है। वहीं ईरान के उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने बयान दिया है कि जब तक अमेरिका अपना रुख नहीं बदलता, तब तक यह जलमार्ग पूरी तरह से ईरानी कमान के अधीन ही रहेगा।

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