यूएई सरकार ने देश में कचरे को कम करने और पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने नसीज (Naseej) नाम से एक राष्ट्रीय अभियान शुरू किया है, जिसके तहत देश में हर साल होने वाले करीब 2 लाख 20 हजार टन कपड़ों के कचरे को रीसायकल किया जाएगा। यूएई का लक्ष्य साल 2031 तक 80 फीसदी कचरे को लैंडफिल यानी कचरे के मैदानों में जाने से रोकना है। इस नए कदम से आने वाले दिनों में आम लोगों और प्रवासियों के पुराने कपड़ों को फेंकने के तरीके में बड़ा बदलाव आने वाला है।

नसीज (Naseej) अभियान क्या है और इससे क्या बदलेगा?

नसीज यूएई का एक राष्ट्रीय अभियान है जिसे राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के निर्देशों पर 1 जून 2026 को लॉन्च किया गया है। इसका मुख्य काम पुराने कपड़ों और टेक्सटाइल कचरे को फेंकने के बजाय उन्हें दोबारा इस्तेमाल के लायक बनाना है। राष्ट्रपति कार्यालय की उपप्रमुख शेखा मरियम बिन्त मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने बताया कि यह अभियान लोगों के व्यवहार और आदतों में बदलाव लाने के लिए शुरू किया गया है ताकि कपड़े के कचरे को एक चुनौती के बजाय एक नए अवसर में बदला जा सके। इस अभियान का पहला कार्यक्रम 5 से 7 जून 2026 तक अबू धाबी के यास मॉल में आयोजित किया गया था, जिसे जल्द ही पूरे देश में शुरू किया जाएगा।

साल 2031 तक 80 फीसदी कचरा कम करने का क्या है पूरा प्लान?

यूएई के अर्थव्यवस्था और पर्यटन मंत्री अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री ने बताया कि नसीज अभियान देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने का काम करेगा। तदवीर ग्रुप के सीईओ एटिएन पेटिट ने साफ किया कि साल 2031 तक 80 फीसदी कचरे को लैंडफिल से हटाने के लिए बड़े पैमाने पर काम किया जा रहा है। इसके तहत यूएई में 11 लैंडफिल साइट्स को बंद किया जाएगा और कचरे से बिजली बनाने वाले नए प्लांट लगाए जाएंगे। इस अभियान में फैशन ब्रांड्स, कपड़े बनाने वाली कंपनियां और रीसाइक्लिंग ऑपरेटर्स मिलकर काम कर रहे हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

यूएई में नसीज अभियान कब शुरू हुआ और इसका क्या उद्देश्य है?

नसीज अभियान को 1 जून 2026 को शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य देश में हर साल होने वाले 2.2 लाख टन कपड़ों के कचरे को रीसायकल करना है।

यूएई सरकार का कचरा प्रबंधन को लेकर 2031 का क्या लक्ष्य है?

यूएई सरकार का लक्ष्य साल 2031 तक 80% कचरे को लैंडफिल में जाने से बचाना और 99% खतरनाक कचरे का सही तरीके से इलाज करना है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com