संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है जो देश की आर्थिक नींव को हिलाने की साजिश रच रहा था। यूएई स्टेट सिक्योरिटी एजेंसी ने जानकारी दी कि इस नेटवर्क को लेबनान के हिजबुल्लाह और ईरान द्वारा चलाया और फाइनेंस किया जा रहा था। इस साजिश का मकसद फर्जी कंपनियों के जरिए देश की वित्तीय व्यवस्था में सेंध लगाना था। इस घटना के बाद जॉर्डन और मिस्र ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए यूएई के प्रति अपना समर्थन जताया है।

आतंकी नेटवर्क और उनके काम करने का तरीका

जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क आम लोगों और सिस्टम की नजरों से बचने के लिए फर्जी व्यापारिक संस्थाओं का सहारा ले रहा था। इनके मुख्य कामों की सूची नीचे दी गई है:

  • यह नेटवर्क मनी लॉन्ड्रिंग जैसी गतिविधियों में शामिल था।
  • फर्जी कंपनियों के जरिए आतंकी गतिविधियों के लिए फंड जुटाया जा रहा था।
  • इनका उद्देश्य देश के आर्थिक और कानूनी नियमों का उल्लंघन करना था।
  • सुरक्षा एजेंसियों ने इस नेटवर्क से जुड़े सभी गुर्गों को गिरफ्तार कर लिया है।

पड़ोसी देशों की प्रतिक्रिया और समर्थन

यूएई पर हुए इस हमले की साजिश के बाद खाड़ी के अन्य देशों ने भी सुरक्षा पर चिंता जताई है। जॉर्डन और मिस्र ने आधिकारिक बयान जारी कर इस साजिश को खारिज किया है।

देश बयान की मुख्य बात
जॉर्डन यूएई की संप्रभुता और सुरक्षा को बचाने के लिए हर कदम का समर्थन।
मिस्र किसी भी तरह की हिंसा और खाड़ी देशों को अस्थिर करने की कोशिश का विरोध।

जॉर्डन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यूएई की स्थिरता के लिए खतरा पैदा करने वाली किसी भी गतिविधि को स्वीकार नहीं किया जाएगा। वहीं मिस्र ने स्पष्ट किया कि वे क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। इस तरह की साजिशों से निपटने के लिए खाड़ी देश अब और भी सतर्क हो गए हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.