UAE में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया है. इस मामले में ईरान से जुड़े एक संगठन के 27 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है. फेडरल नेशनल काउंसिल (FNC) ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और इसे देश की सुरक्षा के खिलाफ एक सीधा हमला बताया है.
आतंकी साजिश और गिरफ्तारियां क्या थीं?
UAE स्टेट सिक्योरिटी सर्विस ने लगभग 20 अप्रैल 2026 को इस आतंकी संगठन का पर्दाफाश किया और उसके 27 सदस्यों को पकड़ा. जांच में पता चला कि यह ग्रुप ईरान के ‘विलायत अल-फकीह’ सिद्धांत से जुड़ा था और देश के अंदर तोड़फोड़ और आतंकी हमले करने की योजना बना रहा था.
- पकड़े गए लोगों पर गुप्त संगठन चलाने का आरोप है.
- इन लोगों ने विदेशी ताकतों के प्रति अपनी वफादारी जताई थी.
- इन पर देश की एकता और सामाजिक स्थिरता को नुकसान पहुँचाने के आरोप लगे हैं.
बड़े अधिकारियों और देशों की क्या प्रतिक्रिया रही?
FNC के स्पीकर Saqr Ghobash ने 22 अप्रैल 2026 को इस अपराध की कड़ी निंदा की. उन्होंने इसे देश के साथ गद्दारी और कानून का खुला उल्लंघन बताया. उन्होंने सुरक्षा बलों की सतर्कता की तारीफ की और कहा कि UAE उग्रवाद के खिलाफ सख्त खड़ा है.
वहीं, डिप्टी प्राइम मिनिस्टर और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद ने आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर जोर दिया. इस मुश्किल घड़ी में सऊदी अरब, कुवैत, जॉर्डन, ओमान, बहरीन और मिस्र जैसे देशों ने UAE के साथ अपनी एकजुटता जताई है. ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) ने भी इस साजिश की निंदा करते हुए UAE का समर्थन किया है.
