UAE की शीर्ष अदालत ने एक अहम फैसला सुनाते हुए कैंची से महिला की हत्या करने वाले व्यक्ति की मौत की सजा को पलट दिया है। यह मामला पहले Khaleej Times में रिपोर्ट किया गया था, जिसमें आरोपी को मृत्युदंड मिला था, लेकिन अब देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था ने इसे बदल दिया है। यूएई की न्याय प्रणाली में गंभीर अपराधों को लेकर नियमों में बदलाव का यह एक बड़ा उदाहरण है।
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न्यायिक व्यवस्था में आया बदलाव
यूएई में भले ही सोची-समझी हत्या जैसे मामलों में मौत की सजा का कानून बना हुआ है, लेकिन इसे बहुत कम मामलों में ही लागू किया जाता है। अक्सर ऐसी सजाओं को उम्रकैद में बदल दिया जाता है। यूएई की अदालतें जैसे Dubai Court of First Instance और Federal Supreme Court अब मामलों की दोबारा समीक्षा कर रही हैं। यह न्यायिक प्रक्रिया यह बताती है कि देश अब मौत की सजा के मामलों में बहुत सावधानी बरत रहा है।
कानून में संशोधन का असर
यह फैसला यूएई के दंड संहिता में किए गए उन संशोधनों का हिस्सा है, जिन्हें May 2026 में अपडेट किया गया था। नए नियमों के तहत अदालतों को सजा तय करने में पहले से ज्यादा छूट दी गई है। अब जज आरोपी के व्यवहार, जैसे कि उसने कोई माफी मांगी या अधिकारियों का कितना सहयोग किया, इन बातों को ध्यान में रखकर फैसला सुनाते हैं। ध्यान रहे कि यूएई में आखिरी बार February 2025 में तीन लोगों को मौत की सजा दी गई थी, जो 2021 के बाद पहली बार हुआ था।
