UAE के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाह्यान ने बुधवार, 24 जून 2026 को ब्रिटेन की विदेश सचिव यवेट कूपर के साथ फोन पर बात की। इस बातचीत का मुख्य मकसद दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग को बढ़ाना और आपसी रिश्तों को और मजबूत करना था। दोनों नेताओं ने दुनिया भर में सुरक्षा और स्थिरता लाने के लिए मिलकर काम करने पर चर्चा की।

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ईरान की हरकतों पर हुई चर्चा

बातचीत के दौरान शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाह्यान ने ब्रिटेन द्वारा दिए गए समर्थन के लिए उनका शुक्रिया अदा किया, खासकर ईरान की आक्रामकता के मामले में। वहीं, ब्रिटेन की विदेश सचिव यवेट कूपर ने साफ कहा कि UK पूरी तरह से UAE के साथ खड़ा है। उन्होंने UAE की संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा का समर्थन किया और ईरानी हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया।

सहयोग के लिए नया फ्रेमवर्क

दोनों देशों ने 18 अप्रैल 2026 को अबू धाबी में एक ‘बढ़े हुए सहयोग के ढांचे’ (Framework for enhanced cooperation) पर सहमति जताई थी। इस समझौते के तहत विदेश मामलों, रक्षा, व्यापार, निवेश, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ऊर्जा बदलाव और न्यायिक सहयोग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मिलकर काम किया जाएगा। इससे पहले सितंबर 2021 में ‘पार्टनरशिप फॉर द फ्यूचर’ नाम का एक बड़ा प्रोग्राम शुरू किया गया था ताकि वैश्विक चुनौतियों का सामना किया जा सके।

व्यापार और आर्थिक रिश्ते

UAE वर्तमान में मध्य पूर्व में ब्रिटेन का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है और यहाँ 5,000 से ज्यादा ब्रिटिश कंपनियां काम कर रही हैं। जून 2022 से GCC और UK के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के लिए बातचीत चल रही है, जिसका सारांश 10 जून 2026 को जारी किया गया था। इसके अलावा, UAE ब्रिटेन के रिसर्च और डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स में, खास तौर पर पर्यावरण और क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में काफी निवेश कर रहा है।