UAE और UK के विदेश मंत्रियों ने एक साथ आकर ईरान के हमलों की कड़ी निंदा की है। दोनों देशों ने कहा कि ईरान ने जो हमला किया वह पूरी तरह से गलत और आतंकी हमला था। इस बैठक में क्षेत्रीय शांति और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के पालन पर जोर दिया गया। UAE सरकार ने अपने सभी निवासियों और मेहमानों की सुरक्षा की पुष्टि भी की है।

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UAE और UK के बीच क्या बात हुई?

UAE के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर और विदेश मंत्री Sheikh Abdullah bin Zayed Al Nahyan और UK की विदेश सचिव Yvette Cooper की मुलाकात हुई। उन्होंने ईरान द्वारा किए गए मिसाइलों के हमलों को आतंकवाद बताया। UK ने साफ कहा कि वह UAE के साथ खड़ा है और UAE अपनी सुरक्षा के लिए जो भी कदम उठाएगा, ब्रिटेन उसका समर्थन करेगा। दोनों नेताओं ने UN Security Council के प्रस्ताव 2817 का स्वागत किया, जिसमें GCC देशों और जॉर्डन पर हुए हमलों की निंदा की गई है।

ईरान से जुड़ी अन्य बड़ी बातें क्या हैं?

UAE के राष्ट्रपति सलाहकार Anwar Gargash ने बताया कि ईरान ने UAE पर करीब 2,800 मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। उन्होंने कहा कि अब ईरान के साथ भरोसा बनाने में बहुत लंबा समय लगेगा और ईरान इस इलाके के लिए एक बड़ा खतरा है। इसी बीच अमेरिका ने ईरान से जुड़े 344 मिलियन डॉलर के क्रिप्टो एसेट्स फ्रीज कर दिए हैं। यूरोपीय संघ ने भी होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने और बातचीत से मसला सुलझाने की मांग की है।

पड़ोसी देशों पर क्या असर हुआ?

ईरान की हरकतों से केवल UAE ही नहीं बल्कि अन्य देश भी परेशान हैं। हाल ही में इराक से लॉन्च हुए ड्रोन के जरिए कुवैत की बॉर्डर चौकियों पर हमला हुआ, जिसकी UAE ने कड़ी निंदा की है। UAE ने कुवैत के साथ अपनी एकजुटता जताई और उसकी सुरक्षा के लिए समर्थन देने की बात कही। GCC देशों के विदेश मंत्रियों ने भी ब्रिटेन के साथ मिलकर ईरान की इस आक्रामकता का विरोध किया है।