UAE और UK ने अपने व्यापारिक रिश्तों को और गहरा करने का फैसला किया है। लंदन के हाउस ऑफ लॉर्ड्स में हुई एक बड़ी मीटिंग में दोनों देशों के बड़े अधिकारियों और कारोबारियों ने भविष्य का रोडमैप तैयार किया। इस बैठक में यह बात सामने आई कि आस-पास के इलाकों में तनाव होने के बावजूद दुनिया भर के निवेशकों का भरोसा UAE पर कायम है।
UAE और UK के बीच निवेश और व्यापार का क्या है हाल?
दोनों देशों के बीच निवेश की रफ्तार उम्मीद से कहीं ज़्यादा तेज़ रही है। साल 2021 में शुरू हुई सॉवरेन इन्वेस्टमेंट पार्टनरशिप ने अपने लक्ष्य को बहुत पीछे छोड़ दिया है। यहाँ व्यापार और नौकरियों से जुड़े कुछ मुख्य आंकड़े दिए गए हैं:
| विवरण | आंकड़ा |
|---|---|
| निवेश का शुरुआती लक्ष्य | 10 अरब पाउंड |
| अब तक का कुल निवेश | करीब 30 अरब पाउंड |
| कुल प्रत्यक्ष निवेश (Direct Investments) | 50 से ज़्यादा |
| UK में अब तक बनी नौकरियां | 48,000 |
| 2030 तक उम्मीदी नौकरियां | 2,80,000 |
| सालाना द्विपक्षीय व्यापार | 25 अरब पाउंड से अधिक |
| UAE मार्केट में UK एक्सपोर्टर्स | 14,000 से ज़्यादा |
किन खास क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे दोनों देश?
आने वाले समय में UAE और UK मिलकर कुछ आधुनिक सेक्टरों पर ज़ोर देंगे। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लीन एनर्जी, लाइफ साइंसेज और नई स्किल्स सिखाने जैसे काम शामिल रहेंगे। लॉर्ड उडनी-लिस्टर ने बताया कि दोनों देशों की कंपनियां एक-दूसरे के बाज़ार का इस्तेमाल करके दुनिया की अन्य बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में अपनी पकड़ मज़बूत करेंगी। साथ ही, दोनों देश अंतरराष्ट्रीय व्यापार को खुला और निष्पक्ष रखने की वकालत करेंगे।
UAE की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर क्या अपडेट है?
UAE की आर्थिक हालत इस समय काफी मज़बूत है। सेंट्रल बैंक ऑफ UAE के मुताबिक, 2026 में देश की आर्थिक ग्रोथ 5.6% रहने की उम्मीद है और महंगाई 1.3% से ज़्यादा नहीं बढ़ेगी। मीटिंग के दौरान वैश्विक सप्लाई चेन और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से माल की आवाजाही को सुरक्षित रखने पर भी चर्चा हुई, क्योंकि यह व्यापार के लिए बहुत ज़रूरी है। UAE के बैंकिंग, टेलीकॉम और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में भी स्थिरता बनी हुई है।