UAE के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान ने लंदन के अपने दौरे के दौरान ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर से मुलाकात की. इस बैठक में ईरान द्वारा UAE के नागरिक इलाकों पर किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों पर विस्तार से चर्चा हुई. दोनों देशों ने इस बात पर चिंता जताई कि ऐसे हमले पूरे क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं.
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ईरान के हमलों और बरकाह न्यूक्लियर प्लांट पर क्या बात हुई?
मीटिंग के दौरान उन आतंकवादी हमलों पर चर्चा हुई जिनमें ईरान ने मिसाइलों और ड्रोन्स के जरिए UAE के नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया. इसमें बरकाह न्यूक्लियर एनर्जी प्लांट के बाहरी हिस्से में स्थित एक बिजली जनरेटर पर हुए ड्रोन हमले का जिक्र भी हुआ, जिससे वहां आग लग गई थी. आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ और रेडिएशन सुरक्षा स्तर पर भी कोई असर नहीं पड़ा. दोनों नेताओं ने माना कि ऐसे हमलों से समुद्री रास्तों की सुरक्षा और ग्लोबल एनर्जी मार्केट की स्थिरता को खतरा पहुंचता है.
ब्रिटेन ने UAE के समर्थन में क्या कहा?
ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर ने UAE के प्रति अपनी पूरी एकजुटता दिखाई. उन्होंने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन बताया. उन्होंने कहा कि यह हमला पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता के लिए एक चुनौती है. वहीं, शेख अब्दुल्ला बिन जायद ने ब्रिटेन के इस समर्थन की तारीफ की और दोनों देशों के पुराने और मजबूत रणनीतिक रिश्तों को सराहा. दोनों मंत्रियों ने भविष्य में सुरक्षा और स्थिरता बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलकर काम करने पर सहमति जताई.
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान के हमलों से किन चीजों पर बुरा असर पड़ सकता है?
इन हमलों से क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों और दुनिया के एनर्जी मार्केट की स्थिरता पर बुरा असर पड़ सकता है.
बरकाह न्यूक्लियर प्लांट में ड्रोन हमले का क्या परिणाम रहा?
ड्रोन हमले की वजह से प्लांट के बाहरी इलाके में एक बिजली जनरेटर में आग लग गई थी, लेकिन किसी भी इंसान को चोट नहीं आई और रेडिएशन लेवल पूरी तरह सुरक्षित रहा.
