UAE के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद ने लंदन के अपने दौरे के दौरान ब्रिटेन के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर और जस्टिस सेक्रेटरी डेविड लैमी से मुलाकात की। इस बैठक में ईरान द्वारा UAE के नागरिक इलाकों और सुविधाओं पर किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों के गंभीर परिणामों पर चर्चा हुई। ब्रिटेन ने इन हमलों की कड़ी निंदा की और UAE के साथ अपनी एकजुटता जाहिर की है।
ईरान के हमलों पर ब्रिटेन का क्या कहना है?
बैठक के दौरान ब्रिटेन के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर डेविड लैमी ने ईरान के हमलों को ‘घिनौना आतंकवादी हमला’ करार दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों और संयुक्त राष्ट्र के चार्टर का खुला उल्लंघन है। ब्रिटेन ने इस मुद्दे पर UAE का पूरा समर्थन किया और कहा कि वे इस मुश्किल समय में साथ खड़े हैं।
सुरक्षा और वैश्विक व्यापार पर क्या असर पड़ेगा?
- देश की सुरक्षा: चर्चा में इस बात पर जोर दिया गया कि ऐसे हमले UAE की सुरक्षा, स्थिरता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए सीधा खतरा हैं।
- समुद्री रास्ते: इन हमलों से अंतरराष्ट्रीय समुद्री नेविगेशन और वैश्विक व्यापारिक रास्तों पर बुरा असर पड़ सकता है।
- एनर्जी सप्लाई: वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा की सप्लाई को बचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने की जरूरत पर बात हुई।
- शांति के प्रयास: क्षेत्र में स्थायी शांति और आर्थिक समृद्धि लाने के लिए अंतरराष्ट्रीय कोशिशों को तेज करने पर सहमति बनी।
UAE में रहने वालों की सुरक्षा पर अपडेट
शेख अब्दुल्ला बिन जायद ने ब्रिटेन के समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने यह बात साफ कर दी कि UAE में रहने वाले सभी नागरिकों और आने वाले मेहमानों की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित है। इसके अलावा दोनों देशों ने अपने रणनीतिक रिश्तों और भविष्य में सहयोग के नए रास्तों की भी समीक्षा की।
Frequently Asked Questions (FAQs)
UAE और UK की बैठक में मुख्य मुद्दा क्या था
इस बैठक में मुख्य रूप से ईरान द्वारा UAE के नागरिक इलाकों पर किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों और उनसे होने वाले नुकसान पर चर्चा की गई।
ब्रिटेन ने ईरान के हमलों को किस तरह देखा
ब्रिटेन के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर डेविड लैमी ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के चार्टर का स्पष्ट उल्लंघन बताया और इसकी कड़ी निंदा की।
