UAE ने जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र के एक बड़े मंच पर अपनी कूटनीतिक ताकत दिखाई है. वहां नागरिक टेलीकम्युनिकेशन और आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों की निंदा करने वाला एक प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास हो गया. यह फैसला International Telecommunication Union (ITU) की काउंसिल बैठक में लिया गया, जो 28 अप्रैल से 8 मई 2026 तक चल रही है. इस पहल से अब डिजिटल नेटवर्क और सबमरीन केबल्स की सुरक्षा को लेकर दुनिया का नजरिया बदलेगा.

प्रस्ताव में क्या खास बातें कही गईं और इसका असर क्या होगा?

यह प्रस्ताव 1 मई 2026 को अपनाया गया. यह पहली बार है जब ITU ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों के खिलाफ इतना सख्त रुख अपनाया है. इस प्रस्ताव की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • नागरिक दूरसंचार नेटवर्क, आईटी ढांचे और Gulf क्षेत्र की सबमरीन केबल्स पर हमलों की कड़ी निंदा की गई.
  • ITU सचिवालय को अब इन हमलों से होने वाले नुकसान की निगरानी, आकलन और उसकी रिपोर्ट तैयार करने का काम सौंपा गया है.
  • इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि क्षेत्रीय और वैश्विक कनेक्टिविटी बनी रहे और किसी भी हमले का असर आम जनता पर न पड़े.

कौन-कौन से देश शामिल थे और ईरान का क्या हुआ?

इस राजनयिक पहल का नेतृत्व UAE ने किया. यह प्रस्ताव Gulf Cooperation Council (GCC) के सदस्य देशों और जॉर्डन की तरफ से पेश किया गया था. जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र में UAE के स्थायी प्रतिनिधि जमाल अल मुशारख ने इसे प्रस्तुत किया. चर्चा के दौरान यह बात सामने आई कि ईरान द्वारा किए गए हमलों ने UAE और क्षेत्र के कई देशों के नागरिक टेलीकॉम नेटवर्क को निशाना बनाया. वहीं दूसरी ओर, ईरान ने अपने दूरसंचार क्षेत्र के पुनर्निर्माण के लिए मदद मांगने वाला एक अलग प्रस्ताव पेश किया था, लेकिन सदस्यों के बीच सहमति न होने के कारण उसे पास नहीं किया जा सका.

दूरसंचार नेटवर्क की सुरक्षा क्यों है ज़रूरी?

UAE के दूरसंचार और डिजिटल सरकारी नियामक प्राधिकरण (TDRA) के महानिदेशक इंजीनियर माजेद सुल्तान अल मेसमर ने बताया कि टेलीकॉम और आईसीटी इंफ्रास्ट्रक्चर हमारे डिजिटल भविष्य की रीढ़ है. इसकी सुरक्षा एक सामूहिक जिम्मेदारी है ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए कनेक्टिविटी बनी रहे. इसी तरह, घाना के मंत्री सैमुअल नारटे जॉर्ज ने भी जोर दिया कि संघर्षों के दौरान टेलीकॉम नेटवर्क को अस्पतालों और स्कूलों की तरह ही महत्वपूर्ण माना जाना चाहिए और इनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए.

Frequently Asked Questions (FAQs)

ITU प्रस्ताव कब और कहाँ पास हुआ?

यह प्रस्ताव 1 मई 2026 को स्विट्जरलैंड के जिनेवा शहर में आयोजित International Telecommunication Union (ITU) की काउंसिल बैठक के दौरान सर्वसम्मति से पास हुआ.

इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इसका मुख्य उद्देश्य नागरिक दूरसंचार नेटवर्क और आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर, विशेषकर Gulf क्षेत्र की सबमरीन केबल्स पर हमलों की निंदा करना और उनकी निगरानी कर रिपोर्ट तैयार करना है.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.