UAE के प्रतिनिधि ने संयुक्त राष्ट्र (UN) में साफ़ कर दिया है कि वे ईरान के हमलों का जवाब देने के अपने अधिकार का इस्तेमाल करेंगे। उन्होंने कहा कि ईरान की धमकियां सिर्फ UAE तक नहीं बल्कि पूरे इलाके के लिए बड़ा खतरा बन चुकी हैं। हाल ही में UAE ने ईरान की मिसाइलों और ड्रोन्स को हवा में ही रोक दिया था जिससे तनाव और बढ़ गया है।
UAE ने ईरान के खिलाफ क्या कहा और क्यों
संयुक्त राष्ट्र में UAE के स्थायी प्रतिनिधि Ambassador Mohamed Abushahab ने कहा कि UAE अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी हमले का जवाब देने का पूरा हक रखता है। उन्होंने बताया कि ईरान ने हाल ही में मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे जिन्हें UAE ने बीच में ही रोक लिया। प्रतिनिधि के मुताबिक ईरान की ये हरकतें पूरे क्षेत्र की शांति और स्थिरता के लिए खतरनाक हैं।
ग्लोबल इकोनॉमी और UN का क्या है रोल
UAE ने ईरान पर गंभीर आरोप लगाया है कि वह Strait of Hormuz के समुद्री रास्तों का इस्तेमाल करके दुनिया की अर्थव्यवस्था को ब्लैकमेल कर रहा है। इससे ग्लोबल एनर्जी मार्केट यानी तेल और गैस की कीमतों पर बुरा असर पड़ रहा है। UAE ने UN सुरक्षा परिषद से मांग की है कि ईरान की इन हरकतों पर सख्त एक्शन लिया जाए और उस पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाएं।
पिछले हमलों का असर और हताहतों की संख्या
मार्च 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी से ईरान ने कई मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे। इन हमलों में 3 आम लोगों की मौत हुई और 58 लोग घायल हुए थे। UAE के साथ-साथ कतर और जॉर्डन ने भी UN को पत्र लिखकर इन हमलों की शिकायत की थी। UN सुरक्षा परिषद ने प्रस्ताव 2817 के ज़रिए इन हमलों की निंदा की और UAE को आत्मरक्षा का अधिकार दिया था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
UAE ने ईरान पर ग्लोबल इकोनॉमी को लेकर क्या आरोप लगाया है
UAE का कहना है कि ईरान Strait of Hormuz के ज़रूरी समुद्री रास्तों में बाधा डालकर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को ब्लैकमेल कर रहा है जिससे तेल बाज़ार प्रभावित हो रहा है।
UN सुरक्षा परिषद ने इस मामले में क्या फैसला लिया था
UN सुरक्षा परिषद ने प्रस्ताव 2817 पारित किया जिसमें ईरान के हमलों की निंदा की गई और UAE समेत अन्य GCC देशों को आत्मरक्षा के अधिकार की पुष्टि की गई।