UAE ने अमेरिका, बहरीन, कुवैत, सऊदी अरब और कतर के साथ मिलकर संयुक्त राष्ट्र (UN) से एक बड़ी अपील की है। इन सभी देशों ने मांग की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में माइनिंग को रोकने के लिए एक प्रस्ताव पास किया जाए। ईरान की लगातार बढ़ती आक्रामकता को देखते हुए यह कदम उठाया गया है ताकि समुद्री रास्तों पर सुरक्षा बनी रहे और व्यापार में कोई रुकावट न आए।
UN से क्या मांग की गई है और यह क्यों जरूरी है
UAE और अन्य पांच देशों ने एक ड्राफ्ट प्रस्ताव को अपनाने का आग्रह किया है। इसका मुख्य उद्देश्य समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना और जलमार्गों में अवैध माइनिंग को रोकना है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक रास्तों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल और अन्य सामान गुजरता है। अगर यहां सुरक्षा खतरे में रहती है, तो इसका सीधा असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और सामानों की कीमतों पर पड़ सकता है।
UAE ने ईरान की हरकतों का हिसाब रखने के लिए क्या किया
- UAE सरकार ने ईरान की आक्रामकता को दस्तावेजी बनाने के लिए एक नेशनल कमेटी का गठन किया है।
- यह कमेटी रिज़ॉल्यूशन नंबर (4) ऑफ 2026 के तहत बनाई गई है, जिसका आदेश His Highness Sheikh Mansour bin Zayed Al Nahyan ने जारी किया था।
- इस कमेटी की अध्यक्षता UAE के अटॉर्नी जनरल करेंगे।
- कमेटी का काम हमलों से हुए इंसानी, भौतिक और आर्थिक नुकसान का डेटा इकट्ठा करना और अंतरराष्ट्रीय कानूनी मानकों के अनुसार सबूत जुटाना है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में क्या समस्या है
ईरान की बढ़ती आक्रामकता और वहां माइनिंग की कोशिशों की वजह से समुद्री सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित हो सकता है।
UAE की नई नेशनल कमेटी का मुख्य काम क्या है
यह कमेटी ईरान द्वारा किए गए हमलों से हुए नुकसान का आकलन करेगी और कानूनी सबूत इकट्ठा करेगी ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई की जा सके।