UAE में काम करने वाले प्रवासियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है. अगर आपकी नौकरी अचानक छूट जाती है, तो अब आपको पैसों की चिंता करने की जरूरत नहीं है. सरकार की एक खास योजना के जरिए आपको तीन महीने तक आर्थिक मदद मिल सकती है, जिससे मुश्किल समय में आपका खर्च निकल सके.

बेरोजगारी बीमा (ILOE) क्या है

संयुक्त अरब अमीरात में 1 जनवरी 2023 से ‘अनैच्छिक रोजगार हानि’ यानी ILOE योजना लागू हुई थी. यह योजना मानव संसाधन और अमीराताइज़ेशन मंत्रालय (MoHRE) की देखरेख में चलती है. इसका मकसद उन कर्मचारियों को नकद मुआवजा देना है जिनकी नौकरी उनकी इच्छा के बिना चली गई हो. इसके लिए कर्मचारी को एक छोटा सा सदस्यता शुल्क देना होता है.

कितनी मिलेगी आर्थिक मदद और क्या हैं शर्तें

इस योजना के तहत पात्र कर्मचारियों को उनके औसत मूल वेतन का 60 प्रतिशत तक पैसा मिल सकता है. यह मदद अधिकतम तीन महीने के लिए दी जाती है. हालांकि, पूरे करियर के दौरान कोई भी कर्मचारी कुल 12 महीने से ज्यादा का मुआवजा नहीं ले सकता. इस लाभ को पाने के लिए जरूरी है कि कर्मचारी कम से कम 12 महीने तक लगातार इस योजना का सदस्य रहा हो. नौकरी छूटने के 30 दिनों के भीतर अपना दावा पेश करना जरूरी है.

योजना से जुड़ी जरूरी जानकारी

विवरण नियम और राशि
मिलने वाली राशि मूल वेतन का 60%
मदद की अवधि अधिकतम 3 महीने
करियर में कुल सीमा अधिकतम 12 महीने
सदस्यता की शर्त न्यूनतम 12 महीने लगातार
दावा करने की समय सीमा बेरोजगारी के 30 दिनों के भीतर
पंजीकरण न करने पर जुर्माना AED 400
प्रीमियम न भरने पर जुर्माना AED 200 (90 दिनों के बाद)

इन लोगों को नहीं मिलेगा लाभ

यह योजना सभी के लिए नहीं है. कुछ श्रेणियों को इससे बाहर रखा गया है, जैसे कि निवेशक, घरेलू कामगार और 18 साल से कम उम्र के लोग. इसके अलावा, जो अमीराती पेंशन ले रहे हैं, अस्थायी अनुबंध पर काम करने वाले या जिन्हें अनुशासनहीनता के कारण नौकरी से निकाला गया है, वे इसका लाभ नहीं उठा सकते. साथ ही, जिन्होंने खुद इस्तीफा दिया है, उन्हें भी यह पैसा नहीं मिलेगा.

रजिस्ट्रेशन और नए अपडेट

अप्रैल 2026 के अपडेट के अनुसार, अब सदस्यता का नवीनीकरण या नामांकन कम से कम दो साल के लिए करना होगा और इसका भुगतान अग्रिम रूप से करना होगा. सदस्य बनने के लिए ILOE पोर्टल (www.iloe.ae), स्मार्ट एप्लिकेशन, कॉल सेंटर, अल अंसारी एक्सचेंज, बैंक ऐप और एटीएम जैसे कई आसान तरीके मौजूद हैं. मंत्रालय ने बताया कि 2025 के अंत तक 90% कार्यबल इस योजना से जुड़ चुका है और अब तक 350 मिलियन AED से अधिक का मुआवजा दिया जा चुका है.