यूएई के बराक न्यूक्लियर एनर्जी प्लांट पर 17 मई 2026 को हुए ड्रोन हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा को लेकर बड़ी बहस छिड़ गई है। इस गंभीर घटना के बाद संयुक्त राष्ट्र की परमाणु सुरक्षा संस्था यानी आईएईए (IAEA) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की एक विशेष और आपातकालीन बैठक बुलाई गई। इस बैठक में संयुक्त अरब अमीरात ने दुनिया भर के शांतिपूर्ण परमाणु ठिकानों की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से एकजुट होने की अपील की है।
बराक न्यूक्लियर प्लांट पर हमले को लेकर क्या है पूरा मामला?
17 मई 2026 को यूएई के बराक न्यूक्लियर एनर्जी प्लांट पर एक ड्रोन हमला हुआ था। इस घटना के बाद मिस्र, जॉर्डन, मोरक्को और सऊदी अरब ने मिलकर परमाणु सुरक्षा को लेकर एक आपातकालीन बैठक बुलाने की मांग की थी। इसके बाद 5 जून 2026 को वियना में एक खास बैठक का आयोजन हुआ। जानकारी के अनुसार, इस हमले के लिए इस्तेमाल किए गए ड्रोन इराक की सीमा से छोड़े गए थे।
IAEA प्रमुख और यूएई के अधिकारियों का क्या कहना है?
IAEA के महानिदेशक राफेल मारियानो ग्रॉसी ने इस हमले को परमाणु सुरक्षा के साथ एक गंभीर समझौता करार दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी परमाणु संयंत्र पर हमला करना पूरी तरह से प्रतिबंधित और अस्वीकार्य है। उन्होंने इस संकट के समय यूएई के प्रशासन और प्लांट के कर्मचारियों की सूझबूझ की सराहना की।
वहीं यूएई के ऊर्जा और स्थिरता मामलों के सहायक विदेश मंत्री अब्दुल्ला बलाला ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण परमाणु ठिकानों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानूनों, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का खुला उल्लंघन है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तरह के हमलों से पर्यावरण, अर्थव्यवस्था और इंसानी जीवन को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
सुरक्षा नियमों को लेकर यूएई का रुख
यूएई ने स्पष्ट किया है कि वह परमाणु सुरक्षा के लिए बनाए गए सभी अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा समझौतों और एडिशनल प्रोटोकॉल का हमेशा की तरह पूरी तरह पालन कर रहा है। यूएई प्रशासन ने मांग की है कि वैश्विक समुदाय को इस प्रकार के हमलों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और शांतिपूर्ण न्यूक्लियर प्रोग्राम सुरक्षित रह सकें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यूएई के बराक न्यूक्लियर प्लांट पर ड्रोन हमला कब हुआ था?
यूएई के बराक न्यूक्लियर एनर्जी प्लांट पर ड्रोन हमला 17 मई 2026 को हुआ था, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई।
इस हमले के बाद बुलाई गई आपातकालीन बैठक में किन देशों ने मदद की?
इस हमले के बाद मिस्र, जॉर्डन, मोरक्को और सऊदी अरब के संयुक्त अनुरोध पर 5 जून 2026 को IAEA बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की आपातकालीन बैठक बुलाई गई थी।
