UAE के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए नए समझौते का स्वागत किया है। सरकार ने मांग की है कि इस डील का पूरी तरह से पालन किया जाए ताकि इलाके में लड़ाई-झगड़े तुरंत बंद हों। साथ ही Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही बिना किसी रुकावट के चलती रहे ताकि ग्लोबल ट्रेड पर असर न पड़े।

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क्या है पूरा मामला

सोमवार 15 जून 2026 को UAE के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी किया। इसमें अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते (MoU) पर खुशी जताई गई। UAE सरकार चाहती है कि दोनों देश इस समझौते की शर्तों को पूरी तरह मानें। मंत्रालय ने कहा कि बातचीत और डिप्लोमेसी के जरिए ही क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता लाई जा सकती है।

जहाजों के रास्ते पर जोर

इस पूरे मामले में UAE ने अंतरराष्ट्रीय कानून और देशों की संप्रभुता का सम्मान करने की बात कही है। सबसे ज्यादा जोर समुद्री रास्तों की सुरक्षा पर दिया गया। UAE का कहना है कि Strait of Hormuz के जरिए होने वाला व्यापार और जहाजों का आना-जाना बिना किसी रुकावट के जारी रहना चाहिए।

अहम तारीखें और बयान

  • 13 जून 2026: अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ समझौते का ऐलान किया और कहा कि Strait of Hormuz को ग्लोबल शिपिंग के लिए तुरंत फिर से खोला जाएगा।
  • 15 जून 2026: UAE विदेश मंत्रालय ने इस डील का स्वागत करते हुए दोनों देशों से नियमों के पालन की मांग की।
  • 6 अप्रैल 2026: इससे पहले राष्ट्रपति सलाहकार Anwar Gargash ने कहा था कि किसी भी समझौते में Strait of Hormuz तक पहुंच की गारंटी होनी चाहिए।

Anwar Gargash ने यह चेतावनी भी दी थी कि अगर किसी डील में ईरान के परमाणु कार्यक्रम, मिसाइल और ड्रोन के मुद्दे को नहीं सुलझाया गया, तो मिडिल ईस्ट का माहौल और भी खतरनाक और अस्थिर हो सकता है। UAE ने इस दिशा में चल रही बातचीत को जारी रखने और टिकाऊ नतीजे निकालने की अपील की है।