वाशिंगटन में हुए Semafor World Economy Summit में UAE की इंटरनेशनल कोऑपरेशन मिनिस्टर रीम अल हाशिमी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने ईरान की तरफ से हुए हालिया हमलों के बाद UAE की मजबूती और अमेरिका के साथ अपनी दोस्ती को और गहरा बताया। उन्होंने साफ किया कि UAE के लोग और वहां का डिफेंस सिस्टम किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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ईरान के हमलों और UAE की सुरक्षा पर क्या कहा?

रीम अल हाशिमी ने बताया कि ईरान ने बिना किसी उकसावे के UAE पर आतंकवादी हमले किए, लेकिन देश का एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह कामयाब रहा। उन्होंने कहा कि UAE के नागरिक और वहां रहने वाले लोग बहुत मजबूत हैं। उनके मुताबिक, UAE की लीडरशिप ने देश को सिर्फ अमीर ही नहीं बनाया, बल्कि सबको सुरक्षा का अहसास भी दिया है।

Strait of Hormuz और ग्लोबल ट्रेड पर क्या खतरा है?

मिनिस्टर ने इस बात पर जोर दिया कि Strait of Hormuz पर किसी एक देश का कब्जा नहीं होना चाहिए क्योंकि यह पूरी दुनिया के लिए जरूरी रास्ता है। उन्होंने ईरान की हरकतों को ‘इकोनॉमिक वॉरफेयर’ और समुद्री डकैती जैसा बताया। अगर यह रास्ता बाधित होता है, तो पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सप्लाई पर बुरा असर पड़ेगा।

सामान/संसाधन ग्लोबल सप्लाई में हिस्सा (Strait of Hormuz से)
कुल ऊर्जा सप्लाई करीब 20% (एक पांचवा हिस्सा)
खाद (Fertilizers) 30%
लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) 25%
ग्लोबल ऑयल सप्लाई 25%
पेट्रोकेमिकल सामान 70%

ईरान और अमेरिका के बीच समझौते के लिए क्या शर्त रखी?

UAE ने साफ किया कि अगर ईरान और अमेरिका के बीच कोई सुरक्षा समझौता होता है, तो उसमें ईरान की मिसाइल और ड्रोन तकनीक को पूरी तरह खत्म करने की बात होनी चाहिए। साथ ही, ईरान की नेवल ताकत और यूरेनियम बढ़ाने की क्षमता पर भी रोक लगानी होगी। तभी दुनिया में शांति आ पाएगी और व्यापारिक रास्ते सुरक्षित रहेंगे।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.