संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन ज़ायेद अल नाहयान ने क्षेत्र में नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने वाले हमलों और धमकियों की कड़े शब्दों में निंदा की है. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि स्कूल, यूनिवर्सिटी, अस्पताल और रिहायशी इलाकों पर हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं. शेख अब्दुल्ला ने जोर देकर कहा कि ऐसे कृत्य न केवल मानवता के खिलाफ हैं, बल्कि क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता के लिए भी बड़ा खतरा पैदा करते हैं.

नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले को लेकर क्या है सरकार का रुख?

UAE सरकार ने स्पष्ट किया है कि जन सुविधाओं को निशाना बनाना किसी भी स्थिति में सही नहीं है. शेख अब्दुल्ला बिन ज़ायेद ने उन क्षेत्रों की सूची दी जिन्हें सुरक्षित रखना अनिवार्य है. उन्होंने कहा कि वाटर डीसैलिनेशन प्लांट, ऊर्जा सुविधाएं और ट्रांसपोर्ट हब जैसे ठिकाने आम जनता के जीवन के लिए महत्वपूर्ण हैं. इन पर हमला करना क्षेत्रीय शांति को भंग करने जैसा है. इस बयान के माध्यम से UAE ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी सुरक्षा चिंताओं को प्रमुखता से रखा है.

भारत के प्रधानमंत्री और अन्य वैश्विक नेताओं ने क्या कहा?

इस घटनाक्रम के बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन ज़ायेद अल नाहयान से फोन पर बात की. प्रधानमंत्री मोदी ने UAE पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की और प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की. दोनों नेताओं ने समुद्र में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने और शिपिंग लाइनों को सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर सहमति जताई. इसके अलावा, सऊदी अरब के विदेश मंत्री ने भी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से मिलकर क्षेत्र में शांति और संयम बरतने पर चर्चा की है.

घटनाक्रम से जुड़ी कुछ प्रमुख जानकारियां

दिनांक प्रमुख अपडेट
30 मार्च 2026 UAE के विदेश मंत्री ने नागरिक ठिकानों पर हमलों की निंदा की
29 मार्च 2026 PM मोदी और UAE राष्ट्रपति के बीच सुरक्षा मुद्दों पर बातचीत हुई
30 मार्च 2026 सऊदी विदेश मंत्री और पाकिस्तान के PM की मुलाकात हुई
सुरक्षा चेतावनी जेफरी सैक्स ने दुबई और अबू धाबी की सुरक्षा को लेकर सलाह दी