संयुक्त अरब अमीरात में काम करने वाले प्रवासियों को मोबाइल पर इंटरनेट चलाते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। अगर आप अपने फोन में वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क यानी VPN का इस्तेमाल करते हैं, तो इससे जुड़े नियमों को जानना बहुत जरूरी है। सरकार ने साइबर सुरक्षा को लेकर कानूनों को काफी सख्त कर दिया है, जिसका उल्लंघन करने पर भारी आर्थिक दंड भुगतना पड़ सकता है और जेल भी जाना पड़ सकता है।

VPN का इस्तेमाल कब माना जाएगा अपराध

अक्सर लोगों को यह दुविधा रहती है कि क्या UAE में VPN पूरी तरह से प्रतिबंधित है। नियमों के मुताबिक अगर आप अपनी कंपनी के काम या बैंकिंग सुरक्षा के लिए इसका उपयोग करते हैं, तो यह कानूनी है। लेकिन अगर इसका इस्तेमाल अपनी पहचान छिपाने या सरकार द्वारा ब्लॉक की गई वेबसाइटों को खोलने के लिए किया जाता है, तो यह गैरकानूनी माना जाएगा।

उदाहरण के लिए, UAE में WhatsApp कॉलिंग, FaceTime और Skype जैसी सेवाएं प्रतिबंधित हैं। अगर आप VPN लगाकर इन ऐप्स से कॉल करने की कोशिश करते हैं, तो यह अपराध की श्रेणी में आता है। इसके अलावा जुए या अन्य प्रतिबंधित सामग्री वाली वेबसाइटों को एक्सेस करना भी कानून का उल्लंघन है।

4.5 करोड़ रुपये तक का जुर्माना और देश निकाला

UAE के साइबर अपराध कानून के तहत नियमों को तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। अनुच्छेद 10 के अनुसार, दोषी पाए जाने पर व्यक्ति को 5 लाख दिरहम यानी करीब 1.13 करोड़ रुपये से लेकर 20 लाख दिरहम यानी लगभग 4.5 करोड़ रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है।

जुर्माने के साथ-साथ अस्थाई जेल की सजा भी हो सकती है। प्रवासियों के लिए सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि गंभीर अपराध साबित होने पर सजा पूरी करने के बाद उन्हें देश से डिपोर्ट किया जा सकता है। इसलिए कानूनी जानकारों का कहना है कि वीडियो कॉलिंग के लिए सरकार द्वारा मंजूर किए गए ऐप्स जैसे BOTIM या GoChat का ही इस्तेमाल करना सुरक्षित है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.