UAE के राज्य मंत्री Saeed Al Hajeri ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर दुनिया को आगाह किया है. उन्होंने कहा कि इस समुद्री रास्ते का सैन्य इस्तेमाल करना किसी एक देश के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के खिलाफ आर्थिक आक्रामकता है. ईरान की परमाणु गतिविधियों, मिसाइलों और ड्रोन के खतरों पर अब ठोस समाधान की जरूरत है, वरना वैश्विक व्यापार को भारी नुकसान होगा.

होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान और यूएई के बीच क्या विवाद है?

यूएई के राज्य मंत्री Saeed Al Hajeri ने चेतावनी दी कि समुद्री आवाजाही में बाधा डालना और पायरेसी जैसी हरकतें वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खतरा हैं. यूएई के उद्योग मंत्री और ADNOC प्रमुख सुल्तान अहमद अल जाबेर ने साफ कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान की संपत्ति नहीं है और ईरान को इसे बंद करने का कोई हक नहीं है. दूसरी तरफ, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया कि इस रास्ते पर उनका पूरा नियंत्रण है और उन्होंने जहाजों से रियाल में पारगमन शुल्क (Transit Fee) मांगने की बात कही है.

अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का इस पर क्या स्टैंड है?

अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर आने और जाने वाले समुद्री यातायात की नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर दी है, जिसे ईरान ने डकैती करार दिया है. यूरोपीय संघ (EU) ने भी किसी भी तरह के टोल या शुल्क का विरोध किया है और ईरान से रास्ता बिना शर्त खोलने की मांग की है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 11 मार्च 2026 को प्रस्ताव 2817 पारित कर ईरानी हमलों की निंदा की और उन्हें तुरंत रोकने को कहा है.

अप्रैल 2026 में हुए मुख्य घटनाक्रम

तारीख घटना
14 अप्रैल 2026 अमेरिकी नाकेबंदी से तेल बाजार में हलचल, ईरान ने विदेशी जहाजों को चेतावनी दी.
13 अप्रैल 2026 अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी शुरू की.
12 अप्रैल 2026 ईरान ने होर्मुज पर पूर्ण नियंत्रण का दावा किया और टोल शुल्क की मांग की.
10 अप्रैल 2026 यूएई ने हमलों के लिए ईरान से मुआवजे और सीजफायर की शर्तों पर स्पष्टता मांगी.
9 अप्रैल 2026 यूएई और यूरोपीय संघ ने समुद्री मार्ग को बिना शर्त खोलने का आग्रह किया.
8 अप्रैल 2026 ईरान ने कहा कि जहाजों को उसकी अनुमति लेनी होगी, अमेरिका ने 1700 मिसाइलें नष्ट करने का दावा किया.