संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और इराक के बीच तनाव बढ़ गया है। UAE ने इराक सरकार से अपनी ज़मीन से होने वाले खतरों को तुरंत रोकने के लिए कहा है। यह पूरा मामला बारका न्यूक्लियर पावर प्लांट पर हुए ड्रोन हमले के बाद सामने आया है। UAE ने साफ कर दिया है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए हर ज़रूरी कदम उठाएगा।

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UAE में ड्रोन हमला और क्या हुआ नुकसान

UAE के डिफेंस मिनिस्ट्री ने बताया कि पिछले 48 घंटों में 6 दुश्मन ड्रोन को हवा में ही रोक लिया गया। तकनीकी जांच में यह पाया गया कि ये सभी ड्रोन इराक की सरज़मीन से आए थे। इनमें से एक ड्रोन 17 मई 2026 को अबू धाबी के Barakah nuclear power plant के बाहरी हिस्से में लगे पावर जनरेटर से टकरा गया। UAE ने इन हमलों को अपनी संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का बड़ा उल्लंघन बताया है।

UAE और इराक सरकार का आधिकारिक बयान

UAE के विदेश मंत्रालय ने 20 मई को एक कड़ा बयान जारी किया। मंत्रालय ने इराक सरकार से मांग की कि वह अपनी ज़मीन से होने वाले सभी दुश्मन हमलों को बिना किसी शर्त के तुरंत रोके। UAE ने इसे आतंकवादी हमला करार दिया है। वहीं, इराक के प्रधानमंत्री Ali Al-Zaidi ने इन हमलों की निंदा की है। उन्होंने डिफेंस मिनिस्ट्री और बॉर्डर यूनिट्स में जांच के लिए कमेटियां बनाई हैं। इराक ने भरोसा दिलाया है कि वह अपनी ज़मीन का इस्तेमाल किसी दूसरे देश पर हमले के लिए नहीं होने देगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

UAE के बारका पावर प्लांट पर ड्रोन हमला कब हुआ

यह हमला रविवार, 17 मई 2026 को हुआ था, जिसमें एक ड्रोन पावर प्लांट के बाहरी पावर जनरेटर से टकराया था।

UAE ने इराक सरकार से क्या मांग की है

UAE ने मांग की है कि इराक सरकार अपनी सरज़मीन से होने वाले सभी दुश्मन खतरों और हमलों को तुरंत और ज़िम्मेदारी के साथ रोके।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.