UAE Weather Alert: फुजैरह, अल ऐन और आरएके में भारी बारिश की चेतावनी, घर से निकलने से पहले जानें नया अपडेट

Aanya5 August 20262 min read79 viewsUAE
UAE Weather Alert: फुजैरह, अल ऐन और आरएके में भारी बारिश की चेतावनी, घर से निकलने से पहले जानें नया अपडेट

UAE के मौसम विभाग, जिसे हम National Centre of Meteorology (NCM) के नाम से जानते हैं, ने देश के कई इलाकों के लिए अलर्ट जारी किया है। अगले तीन दिन यानी बुधवार 5 अगस्त 2026 से लेकर शुक्रवार 7 अगस्त 2026 तक फुजैरह, अल ऐन और रास अल खैमाह जैसे इलाकों में मौसम का मिजाज बदला रहेगा। इन हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने सभी निवासियों को सावधान रहने की सलाह दी है।

भारी बारिश और गर्मी का दोहरा असर

मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वी और दक्षिणी इलाकों में बादलों का जमघट बनने के कारण बारिश की स्थिति बनी है। इसका असर आंतरिक इलाकों तक भी दिखाई दे सकता है। एक तरफ जहां इन हिस्सों में बारिश के आसार हैं, वहीं दूसरी ओर आंतरिक क्षेत्रों में गर्मी का कहर भी जारी रहेगा। पारा 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। अगर शहरों की बात करें, तो फुजैरह में तापमान 37 डिग्री सेल्सियस, अल ऐन में 47 डिग्री सेल्सियस और रास अल खैमाह में 41 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। यह उन लोगों के लिए जरूरी सूचना है जो इन दिनों बाहर काम पर जाते हैं या काम के सिलसिले में घर से बाहर निकलते हैं।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

प्रशासन की ओर से सुरक्षा निर्देश

गृह मंत्रालय ने खराब मौसम को देखते हुए सख्त निर्देश जारी किए हैं। आप NCM की आधिकारिक रिपोर्ट को देखकर विस्तार से जानकारी ले सकते हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट कहा है कि बारिश के दौरान गाड़ी चलाते समय पूरी सावधानी बरतें। घाटियों (valleys) और उन इलाकों में बिल्कुल न जाएं जहां पानी भरने या बाढ़ आने का खतरा रहता है। बिजली कड़कने और गरज के साथ बारिश होने पर खुले या ऊंचाई वाले स्थानों से दूर रहना ही समझदारी है। अपने घरों की छतों या बालकनी में रखी ढीली चीजों को अच्छी तरह बांध दें ताकि वे हवा के कारण नीचे न गिरें। इसके अलावा, बहुत जरूरी न हो तो इस दौरान यात्रा करने से बचें।

बारिश के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल

UAE की सरकार मौसम को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। देश का मौसम विभाग क्लाउड सीडिंग यानी कृत्रिम बारिश कराने की तकनीक का भी इस्तेमाल कर रहा है। वैज्ञानिक अनुसंधान के तहत 2026 की शुरुआत से अब तक कुल 110 क्लाउड-सीडिंग मिशन चलाए जा चुके हैं। ये कोशिशें इसलिए की जा रही हैं ताकि देश में जल संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सके। सभी प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों से अपील है कि वे सरकारी गाइडलाइंस का पालन करें और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें।

Share:

Comments

Leave a comment