हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा फैसला लिया गया है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) द्वारा पारित किए गए नए प्रस्ताव का जोरदार स्वागत किया है। इस प्रस्ताव में ईरान द्वारा जहाजों की सुरक्षा को लेकर पैदा किए जा रहे खतरों की निंदा की गई है। खाड़ी देशों के इस कदम से व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा और मजबूत होने की उम्मीद है।

प्रस्ताव में क्या है और ईरान पर क्यों उठे सवाल?

इस प्रस्ताव को मुख्य रूप से UAE ने पेश और प्रायोजित किया था, जिसे 22 मई 2026 को मंजूरी दी गई। प्रस्ताव में ईरान द्वारा Strait of Hormuz और उसके आसपास ड्रोन, मिसाइल और समुद्री बारूदी सुरंगों (sea mines) के इस्तेमाल पर गहरी चिंता जताई गई है। ईरान के इन हमलों के कारण कम से कम 11 नाविकों की जान जा चुकी है और 20,000 से अधिक नाविक फंसे हुए हैं। नए नियम के तहत समुद्री जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने और अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में बिना किसी रुकावट के आवाजाही सुनिश्चित करने की बात कही गई है।

खाड़ी देशों ने खारिज की ईरान की टोल टैक्स वाली योजना

ईरान ने Strait of Hormuz में एक नियंत्रित समुद्री क्षेत्र (controlled maritime zone) और नए पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी बनाने की घोषणा की थी, जिसके तहत जहाजों से टोल टैक्स वसूलने की तैयारी की जा रही थी। UAE, बहरीन, कुवैत, कतर और सऊदी अरब ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया है। इन देशों का साफ कहना है कि ईरान का यह कदम अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। UAE के ऊर्जा और बुनियादी ढांचा मंत्री सुहैल मोहम्मद अल मजरूई ने कहा कि यह प्रस्ताव समुद्री सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने वाली ताकतों को कड़ा संदेश देता है।

भारतीय प्रवासियों और वैश्विक व्यापार पर क्या होगा असर?

Strait of Hormuz दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री रास्तों में से एक है, जहां से भारत समेत दुनिया भर में कच्चे तेल की सप्लाई होती है। खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों के लिए यह खबर बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इस रास्ते पर किसी भी प्रकार के तनाव से ईंधन की कीमतों और नौकरी के बाजार पर सीधा असर पड़ता है। अमेरिका ने भी ईरान के इस नए टोल टैक्स सिस्टम का कड़ा विरोध किया है और इसे रोकने के लिए कदम उठाने की बात कही है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

IMO का यह नया प्रस्ताव कब अपनाया गया था?

अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) की समुद्री सुरक्षा समिति ने इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को 22 मई 2026 को अपनी बैठक के दौरान आधिकारिक रूप से अपनाया।

खाड़ी देशों ने ईरान के किस प्रस्ताव का विरोध किया है?

खाड़ी देशों ने ईरान द्वारा Strait of Hormuz में टोल टैक्स वसूलने और पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी स्थापित करने की योजना का कड़ा विरोध किया है।