संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने अमेरिका द्वारा सूडान के मुस्लिम ब्रदरहुड (Sudanese Muslim Brotherhood) को वैश्विक आतंकवादी संगठन घोषित करने के फैसले का पुरजोर स्वागत किया है। UAE के विदेश मंत्रालय (MoFA) ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि यह कदम क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता के लिए एक ऐतिहासिक फैसला है। अमेरिका ने इस संगठन पर कड़े वित्तीय प्रतिबंध लगाए हैं, जिसका उद्देश्य चरमपंथी नेटवर्क को मिलने वाली मदद को पूरी तरह से रोकना है।

अमेरिका ने इस संगठन पर कौन सी पाबंदियां लगाई हैं?

अमेरिकी विदेश विभाग ने 9 मार्च 2026 को सूडान के मुस्लिम ब्रदरहुड (SMB) को विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी (SDGT) घोषित किया है। इसके साथ ही 16 मार्च 2026 से इसे विदेशी आतंकवादी संगठन (FTO) की श्रेणी में भी शामिल कर लिया जाएगा। इस आदेश के बाद अमेरिकी अधिकार क्षेत्र में आने वाली इस संगठन की सभी संपत्तियां फ्रीज कर दी गई हैं। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार इस ग्रुप के पास 20,000 से अधिक लड़ाके हैं जो सूडान के गृहयुद्ध में हिंसा फैला रहे हैं।

इन संगठनों और संस्थाओं पर पड़ेगा सीधा असर

  • Sudanese Islamic Movement (SIM): इसे मुस्लिम ब्रदरहुड का मुख्य घटक माना गया है और इस पर भी बैन लगा है।
  • Al-Baraa Bin Malik Brigade (BBMB): यह संगठन का सशस्त्र विंग है, जिस पर नागरिकों की हत्याओं के आरोप लगे हैं।
  • वित्तीय प्रतिबंध: किसी भी व्यक्ति या बैंक द्वारा इस ग्रुप को संसाधन देना अब फेडरल अपराध माना जाएगा।
  • IRGC का सहयोग: रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स इन गुटों को ट्रेनिंग दे रही है।

UAE ने पहले ही 2014 में मुस्लिम ब्रदरहुड को आतंकवादी संगठन की सूची में डाल दिया था। संयुक्त अरब अमीरात का मानना है कि ऐसे संगठनों पर अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई जरूरी है ताकि कट्टरपंथ की जड़ों को काटा जा सके। अमेरिका ने इससे पहले जनवरी 2026 में मिस्र, जॉर्डन और लेबनान के मुस्लिम ब्रदरहुड गुटों पर भी इसी तरह की कार्रवाई की थी। गैर-अमेरिकी वित्तीय संस्थान जो इस ग्रुप के साथ लेन-देन करेंगे, उन पर भी सेकेंडरी प्रतिबंधों का खतरा बढ़ गया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.