UAE सरकार ने तेल निर्यात के लिए एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। ईरान के साथ चल रहे तनाव और Strait of Hormuz के बंद होने के बाद अब UAE एक नया पाइपलाइन प्रोजेक्ट तेज़ी से पूरा करेगा। इससे Fujairah पोर्ट से तेल भेजने की क्षमता दोगुनी हो जाएगी, ताकि दुनिया तक तेल की सप्लाई में कोई रुकावट न आए।

ℹ️: Abu Dhabi में होगा बड़ा बदलाव, 55 अरब दिरहम के प्रोजेक्ट्स का ऐलान, अब बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी और तेज़

West-East Pipeline क्या है और इसका क्या फायदा होगा?

Abu Dhabi के क्राउन प्रिंस Sheikh Khaled bin Mohamed bin Zayed Al Nahyan ने ADNOC को निर्देश दिए हैं कि West-East Pipeline प्रोजेक्ट के काम में तेज़ी लाई जाए। यह नया पाइपलाइन 2027 तक चालू हो जाएगा। इसका मुख्य मकसद Strait of Hormuz पर निर्भरता को कम करना है, क्योंकि 28 फरवरी 2026 को ईरान ने इस रास्ते को प्रभावी रूप से बंद कर दिया था। इस नए रास्ते से UAE अपना कच्चा तेल सीधे Gulf of Oman के तट से दुनिया को भेज सकेगा।

तेल निर्यात में कितनी बढ़ोतरी होगी और क्या है नया टारगेट?

वर्तमान में Fujairah में Habshan-Fujairah पाइपलाइन के ज़रिए करीब 1.8 मिलियन बैरल प्रतिदिन (bpd) तेल भेजा जाता है। नए प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद यह क्षमता बढ़कर कुल 4 मिलियन bpd तक पहुँच सकती है। इसके अलावा, UAE ने हाल ही में OPEC संगठन छोड़ा है, जिससे अब वह उत्पादन की किसी भी सीमा (quotas) से आज़ाद है। ADNOC का लक्ष्य अगले साल तक अपनी कुल उत्पादन क्षमता को 5 मिलियन bpd तक ले जाना है, जो पहले तीन साल बाद का लक्ष्य था।

Fujairah पोर्ट पर हमले और सुरक्षा की स्थिति

ईरान के साथ जारी विवाद के कारण Fujairah पोर्ट की सुविधाओं पर कई हमले हुए हैं, जिसकी वजह से कई बार तेल लोड करने का काम रोकना पड़ा। ऐसी स्थिति में यह नया पाइपलाइन UAE की आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा के लिए बहुत ज़रूरी हो गया है। फिलहाल खाड़ी देशों में केवल सऊदी अरब और UAE ही ऐसे देश हैं जिनके पास Strait of Hormuz को बाईपास करने वाले चालू पाइपलाइन सिस्टम मौजूद हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

यह नया पाइपलाइन प्रोजेक्ट कब तक तैयार हो जाएगा?

Abu Dhabi Media Office की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह नया पाइपलाइन प्रोजेक्ट साल 2027 तक पूरी तरह चालू हो जाएगा।

UAE के तेल निर्यात पर इसका क्या असर पड़ेगा?

इससे Fujairah पोर्ट के ज़रिए होने वाला तेल निर्यात दोगुना हो जाएगा और कुल क्षमता 4 मिलियन बैरल प्रतिदिन तक पहुँच जाएगी, जिससे Strait of Hormuz पर निर्भरता कम होगी।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com