UAE में रहने वाले लोगों के लिए WhatsApp का इस्तेमाल अब पहले जैसा नहीं रहेगा। सरकार ने नए नियम लागू किए हैं जिसके बाद आपकी प्राइवेट चैट और फॉरवर्ड किए गए मैसेज भी कानून के दायरे में आएंगे। अगर आप भी ग्रुप्स में मैसेज भेजते हैं तो यह खबर आपके लिए बहुत ज़रूरी है क्योंकि एक छोटी सी गलती आपको भारी मुसीबत में डाल सकती है।

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WhatsApp पर क्या गलत करने से हो सकती है जेल और जुर्माना?

UAE के साइबरक्राइम कानून (Federal Decree-Law No. 34 of 2021) के तहत अब प्राइवेट चैट को छूट नहीं मिलेगी। कानूनी विशेषज्ञों ने बताया है कि अगर कोई व्यक्ति किसी गलत मैसेज को फॉरवर्ड करता है तो उसे नया पब्लिकेशन माना जाएगा।

  • आर्टिकल 52: इसके तहत किसी भी गैर-कानूनी सामग्री को साझा करना या फॉरवर्ड करना अपराध है।
  • आर्टिकल 53: WhatsApp ग्रुप के एडमिन की ज़िम्मेदारी होगी कि वे ग्रुप में किसी भी गलत मैसेज को न चलने दें, वरना वे भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आएंगे।
  • आर्टिकल 43: ऑनलाइन फोरम या चैट पर गाली-गलौज और बदनामी करने पर 250,000 से 500,000 दिरहम तक का जुर्माना और जेल की सजा हो सकती है।

BSA Law के वकील Sam Moore और कानूनी सलाहकार Dr. Hasan Elhais ने चेतावनी दी है कि बिना सहमति के प्राइवेट बातचीत साझा करना या बिना जांचे संवेदनशील खबरें फैलाना आपको मुश्किल में डाल सकता है।

बैंक ट्रांजेक्शन और कोर्ट सबूत के नए नियम क्या हैं?

पैसों के लेन-देन और कानूनी सबूतों को लेकर भी बड़े बदलाव किए गए हैं। UAE सरकार अब डिजिटल सुरक्षा को ज़्यादा मज़बूत कर रही है।

  • CBUAE का फैसला: Central Bank of the UAE ने 30 अप्रैल 2026 से सभी वित्तीय संस्थानों के लिए WhatsApp और Telegram के ज़रिए ग्राहकों के ट्रांजेक्शन करने पर रोक लगा दी है।
  • कोर्ट में सबूत: अब WhatsApp पर की गई बातचीत को UAE की अदालतों में कानूनी सबूत के तौर पर पेश किया जा सकेगा।

UAE के अटॉर्नी जनरल Hamad Al Shamsi ने पहले ही मार्च में 25 लोगों को गिरफ्तार किया था जिन्होंने देश की सुरक्षा से जुड़ी भ्रामक जानकारी फैलाई थी। यह कदम दर्शाता है कि सरकार डिजिटल कंटेंट को लेकर कितनी सख्त है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या WhatsApp ग्रुप एडमिन की भी ज़िम्मेदारी होगी?

हाँ, साइबरक्राइम कानून के आर्टिकल 53 के तहत अगर ग्रुप एडमिन गैर-कानूनी मैसेज को बढ़ावा देता है या उसे अनदेखा करता है तो वह कानूनी रूप से ज़िम्मेदार माना जाएगा।

क्या फॉरवर्ड किया गया मैसेज अपराध माना जाएगा?

हाँ, आर्टिकल 52 के अनुसार किसी भी गलत मैसेज को आगे भेजना ‘री-पब्लिकेशन’ माना जाएगा और इसके लिए भारी जुर्माना या जेल हो सकती है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.