यूएई में रहने वाले लोग अक्सर फैमिली, स्कूल या कम्युनिटी के WhatsApp ग्रुप्स में एक्टिव रहते हैं. लेकिन अब कानूनी विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि आपकी ये प्राइवेट चैट्स पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं. एक छोटी सी गलती या बिना सोचे-समझे भेजा गया मैसेज आपको बड़ी मुश्किल में डाल सकता है.
WhatsApp पर कौन सी गलतियां पड़ सकती हैं भारी?
वकीलों का कहना है कि कई लोग अनजाने में ऐसी गलतियां कर देते हैं जो कानूनन अपराध हैं. अगर आप नीचे दी गई चीजों को शेयर या फॉरवर्ड करते हैं तो आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है:
- बिना पुष्टि वाली खबरें या अफवाहें फॉरवर्ड करना.
- किसी की निजी तस्वीरें साझा करना.
- बिना इजाज़त किसी की चैट का स्क्रीनशॉट भेजना.
- किसी के खिलाफ अपमानजनक, मानहानिकारक या निजता का उल्लंघन करने वाली बातें लिखना.
साइबर क्राइम कानून और भारी जुर्माना
यूएई सरकार ने ऑनलाइन गतिविधियों को कंट्रोल करने के लिए सख्त कानून बनाए हैं. इसमें फेडरल डिक्री-लॉ नंबर 34 ऑफ 2021 सबसे प्रमुख है, जो 2 जनवरी 2022 से लागू है. इसके अलावा 2024 के नए संशोधनों ने ऑनलाइन दुराचार की सजा को और कड़ा कर दिया है. नियमों का उल्लंघन करने पर होने वाले जुर्माने की जानकारी नीचे दी गई है:
| अपराध | जुर्माना और सजा |
|---|---|
| साइबर अपराध | 1,50,000 से 30,00,000 AED तक जुर्माना, जेल और प्रवासियों के लिए निर्वासन |
| अपमान और मानहानि | 2,50,000 से 5,00,000 AED जुर्माना और जेल |
| झूठी खबर फैलाना | 2,00,000 AED से ज्यादा जुर्माना |
| निजता का उल्लंघन | कम से कम 6 महीने जेल और 1,50,000 से 5,00,000 AED जुर्माना |
क्या WhatsApp मैसेज कोर्ट में सबूत माने जाते हैं?
हाँ, यूएई के फेडरल डिक्री-लॉ नंबर 35 ऑफ 2022 के मुताबिक WhatsApp संदेशों को इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के रूप में मान्यता दी जा सकती है. हाल ही में 17 और 21 अप्रैल 2026 को दुबई कोर्ट ऑफ कैसेशन ने तलाक के मामलों में WhatsApp संदेशों की जांच और उन्हें सबूत के तौर पर स्वीकार करने पर अहम फैसले दिए हैं. कोर्ट ने कहा है कि मैसेज भेजने वाले की पहचान और उसकी प्रामाणिकता की गहराई से जांच की जाएगी ताकि सही फैसला लिया जा सके. साइबर सिक्योरिटी काउंसिल ने भी लोगों को अज्ञात लिंक पर क्लिक न करने और संदेशों की सच्चाई जांचने की सलाह दी है.