UAE ने 1 मई 2026 से OPEC और OPEC+ संगठन को छोड़ दिया है। इस बड़े फैसले पर अल्जीरिया के राष्ट्रपति Abdelmadjid Tebboune ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह कोई बड़ी बात नहीं है और अरब देशों के लिए सऊदी अरब ही मुख्य आधार है। यह बयान उन्होंने नेशनल मीडिया के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक के दौरान दिया।
🗞️: Makkah में फर्जी हज परमिट का खेल, 3 इंडोनेशियाई गिरफ्तार, सोशल मीडिया पर दे रहे थे धोखा।
UAE ने OPEC छोड़ने का फैसला क्यों लिया?
UAE के ऊर्जा मंत्री Suhail bin Mohammed Al Mazrouei ने बताया कि यह एक संप्रभु फैसला है जो देश के रणनीतिक हितों के हिसाब से लिया गया है। उन्होंने कहा कि अलग होने से UAE को भविष्य में कच्चे तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पादों की वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए ज़्यादा लचीलापन मिलेगा। UAE ने इस फैसले की आधिकारिक घोषणा 28-29 अप्रैल 2026 को की थी।
बाकी देशों और तेल बाजार पर इसका क्या असर होगा?
इस मामले पर अलग-अलग देशों ने अपनी बात रखी है। अल्जीरिया के हाइड्रोकार्बन मंत्रालय ने साफ किया है कि वह OPEC और OPEC+ के साथ मजबूती से जुड़ा रहेगा। वहीं इराक ने कहा है कि वह संगठन छोड़ने का कोई इरादा नहीं रखता क्योंकि स्थिर तेल कीमतों के लिए एक मजबूत संगठन जरूरी है।
रूस ने उम्मीद जताई है कि UAE के जाने से OPEC+ गठबंधन खत्म नहीं होगा। हालांकि, रूस के वित्त मंत्री Anton Siluanov ने चेतावनी दी कि अगर तेल उत्पादक देश उत्पादन बढ़ाने में तालमेल नहीं रखते, तो वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में गिरावट आ सकती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
UAE ने OPEC कब छोड़ा?
UAE का OPEC और OPEC+ से बाहर निकलने का फैसला 1 मई 2026 से लागू हो गया है। इसकी आधिकारिक घोषणा अप्रैल के आखिरी दिनों में की गई थी।
अल्जीरिया के राष्ट्रपति ने इस फैसले पर क्या कहा?
राष्ट्रपति Abdelmadjid Tebboune ने इसे कोई बड़ी घटना नहीं बताया और कहा कि अरब देशों के लिए सऊदी अरब ही संगठन का मुख्य आधार बना हुआ है।